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Jaya Ekadashi 2024: जया एकादशी व्रत आज, जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और पारण समय

Tue, 20 Feb 2024 07:22 AM IST
आशिकी पटेल धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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जया एकादशी - फोटो : अमर उजाला
Jaya Ekadashi 2024 Date: पुराणों में माघ महीने की शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि का विशेष महत्व बताया गया है। इस दिन जया एकादशी का व्रत रखा जाता है। जया एकादशी के दिन उपवास रखा जाता है और भगवान विष्णु की विधि-विधान से पूजा की जाती है। इस एकादशी का जिक्र करते हुए शास्त्रों में बताया गया है कि जो व्यक्ति श्रद्धा पूर्वक जया एकादशी व्रत को करता है, उसे मृत्यु के बाद भूत-प्रेत नहीं बनना पड़ता है। इस व्रत के प्रभाव से व्यक्ति पितृ, कुयोनि को त्याग कर स्वर्ग में चला जाता है। ऐसे में चलिए जानते हैं जया एकादशी व्रत की पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और पारण समय...

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जया एकादशी - फोटो : istock
जया एकादशी 2024 तिथि
पंचांग के अनुसार माघ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी 19 फरवरी 2024 को सुबह 08 बजकर 49 मिनट पर शुरू होकर अगले दिन 20 फरवरी 2024 को सुबह 09 बजकर 55 मिनट पर समाप्त होगी। उदयातिथि को देखते हुए जया एकादशी का व्रत 20 फरवरी मंगलवार के दिन रखा जाएगा। 
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जया एकादशी - फोटो : अमर उजाला
जया एकादशी 2024 पूजा मुहूर्त
20 फरवरी को जया एकादशी व्रत के दिन आप श्रीहरि विष्णु की पूजा सूर्योदय के समय से ही कर सकते हैं, क्योंकि इस समय प्रीति योग और रवि योग रहेगा। साथ ही इस दिन ब्रह्म मुहूर्त सुबह 05 बजकर 14 मिनट से 06 बजकर 05 मिनट तक रहेगा। वहीं अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 12 मिनट से 12 बजकर 58 मिनट तक रहेगा। इस समय पूजा करके आप भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त कर सकते हैं। 

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जया एकादशी - फोटो : iStock
जया एकादशी 2024 व्रत पारण समय
जया एकादशी व्रत का पारण आप 21 फरवरी 2024 को सुबह 06 बजकर 55 मिनट से सुबह 09 बजकर 11 मिनत के बीच कर सकते हैं।

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जया एकादशी - फोटो : iStock
जया एकादशी व्रत विधि
  • एकादशी व्रत वाले दिन प्रातः जल्दी उठकर स्नान करें।
  • व्रत का संकल्प लें और फिर विष्णु जी की आराधना करें।
  • भगवान विष्ण़ु को पीले फूल अर्पित करें।
  • घी में हल्दी मिलाकर भगवान विष्ण़ु का दीपक करें।
  • पीपल के पत्ते पर दूध और केसर से बनी मिठाई रखकर भगवान को चढ़ाएं।
  • एकादशी की शाम तुलसी के पौधे के सामने दीपक जलाएं।
  • भगवान विष्णु को केले चढ़ाएं और गरीबों को भी केले बांट दें।
  • भगवान विष्णु के साथ लक्ष्मी का पूजन करें और गोमती चक्र और पीली कौड़ी भी पूजा में रखें।
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