होली हिंदू धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक है। बसंत का महीना लगने के बाद से ही इसका इंतजार शुरू हो जाता है। हिंदी कैलेंडर के अनुसार होली को साल की शुरुआत के बाद पड़ने वाला पहला और बड़ा त्योहार माना जाता है। होली का त्योहार होलिका दहन के साथ शुरू होता है, फिर इसके अगले दिन रंग-गुलाल के साथ होली खेली जाती है। आज 17 मार्च दिन गुरुवार को होलिका दहन है और 18 मार्च को होली मनाई जाएगी। भारत में फागुन शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा के अगले दिन होली मनाई जाती है। हिंदू धर्म के अनुसार होलिका दहन को बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना गया है। माना जाता है कि होलिका दहन करने से आसपास की नकारात्मक शक्तियां नष्ट हो जाती हैं और जीवन में खुशहाली आती है। धार्मिक मान्यता है होलिका दहन के बिना होली का त्योहार नहीं मनाया जा सकता है। कहा जाता है कि होलिका दहन में सभी लोग अपनी नकारात्मकता की आहुति देकर स्वयं के अंदर सकारात्मक शक्ति का संचार करते हैं। होलिका दहन के दिन विधि-विधान से पूजा का बहुत महत्व है। आइए जानते हैं होलिका दहन का शुभ मुहूर्त और पूजा की विधि...