होलिका दहन 28 मार्च को किया जाएगा। हिन्दू पंचांग के अनुसार, हर साल होलिका दहन फाल्गुन पूर्णिमा के दिन किया जाता है। धार्मिक दृष्टि से इस पर्व को अच्छाई पर बुराई की जीत के रूप में देखा जाता है। पौराणिक मान्यता है कि भगवान विष्णुजी के परम भक्त प्रहलाद को लेकर उनकी बुआ होलिका इसी दिन जलती हुई चिता में बैठी थीं। होलिका को ब्रह्मा जी ने अग्नि में ना जलने का वरदान दिया था। लेकिन भक्त प्रहलाद को अग्नि जला न सकी, बल्कि इस आग में स्वयं होलिका जलकर राख हो गई थीं। होलिका दहन के पावन अवसर पर कुछ विशेष उपाय कर जातक लाभ प्राप्त कर सकते हैं। ये आपके जीवन में खुशियों के रंग भरने में कारगर साबित हो सकते हैं।