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ज्येष्ठ महीना शुरू, जानिए इस माह में आने वाले व्रत-त्योहार और इसका महत्व

Tue, 01 May 2018 11:01 AM IST
धर्म डेस्क, अमर उजाला
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ज्येष्ठ माह का प्रारंभ 1 मई से हो चुका है। हिंदू पंचांग के अनुसार यह साल का तीसरा महीना है। चैत्र और वैशाख मास के बाद ज्येष्ठ मास आता है जिसका काफी महत्व होता है। इस माह में गर्मियां अपने चरम पर होती है इसलिए हमारे पूर्वजों ने ज्येष्ठ माह में जल के महत्व के बारे में बताया है। इस माह में जल से संबंधित कई व्रत और त्योहार मनाए जाते हैं ताकि पानी का संरक्षण हो सके। ज्येष्ठ मास की शुरुआत 1 मई से हो रही है और 28 जून को ज्येष्ठ पूर्णिमा पर यह महीना समाप्त होगा।
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हिन्दू पंचांग के अनुसार सभी हिन्दू महीना नक्षत्रों पर आधारित होता है। ज्येष्ठा नक्षत्र के कारण इस माह का नाम ज्येष्ठ रखा गया। इस माह में कुछ प्रमुख त्योहार हमें जल बचाने का संदेश भी देते हैं जैसे गंगा दशहरा पर्व और निर्जला एकादशी। आइए जानते हैं इस माह के महत्वपूर्ण व्रत और त्यौहारों के बारे में
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11 मई को अपरा एकादशी है। ज्येष्ठ मास की कृष्ण पक्ष की एकादशी को अपरा एकादशी कहा जाता है। इस दिन भगवान विष्णु की उपासना की जाती है।इसके साथ 13 और 26 मई को प्रदोष व्रत भी है।

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15 मई को सूर्यपुत्र और न्याय के देवता भगवान शनि की जयंती बनाई जाएगी। शनि सभी ग्रहों में सबसे घातक ग्रह माने जाते हैं। साथ ही 15 मई को वट सावित्री व्रत भी है जिसमें विवाहित महिलाएं सुख समृद्धि और अपने पति की दीर्घायु के लिये यह व्रत रखती हैं।
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इसके बाद 24 मई 2018 को जल के संरक्षण का संदेश देने वाला त्योहार गंगा दशहरा है। ज्येष्ठ माह में मनाया जाने वाला यह विशेष त्योहार है। इसके अलावा इसी महीने निर्जला एकादशी का उपवास भी है। साथ ही इसी महीने अधिक मास भी पड़ रहा है जो 16 मई से आरंभ होगा।
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