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चरण स्पर्श करने से मिलता है सौभाग्य जानें इसके पीछे के धार्मिक और वैज्ञानिक कारण

Mon, 30 Dec 2019 12:44 AM IST
योगेश जोशी अनीता जैन ,वास्तुविद एवं लेखिका
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Charan Sparsh
हमारी सनातन संस्कृति में अभिवादन करने के तरीके विनम्रता और समर्पण भाव को दर्शाते हैं। चाहे फिर वह सिर झुका कर हाथ जोड़कर नमस्कार करना हो या फिर चरण स्पर्श करना।शास्त्रों के अनुसार देवता,गुरु,माता-पिता एवं बुजुर्गों की चरण वंदना को श्रेष्ठ माना गया है।शास्त्रों के अनुसार भगवान श्रीराम नित्यप्रति सुबह उठकर सबसे पहले माता-पिता के चरणों में सिर झुकाकर आशीर्वाद प्राप्त करते थे।भगवान गणेश भी देवताओं में प्रथम पूज्य अपने माता-पिता के आशीर्वाद से ही बने।

जब कोई हमसे कम उम्र का हमारे पैर छूता है तो उस समय ईश्वर का नाम लेकर हमारे मुख से आशीर्वाद,दुआएं,सदवचन ही निकलते हैं जिससे पैर छूने वाले व्यक्ति को भी सकारात्मक फल मिलता है। आशीर्वाद देने से चरण स्पर्श करने वाले व्यक्ति की समस्याएं ख़त्म होती हैं।  यश , कीर्ति व उम्र बढ़ती है और नकारात्मक शक्तिओं से उसकी रक्षा होती है। हमारे द्वारा किए गए शुभ कर्मों का सकारात्मक प्रभाव चरण स्पर्श करने वाले पर होता है। अनेक शोधों से अब यह स्पष्ट हो चुका है कि चरण स्पर्श करने से शारीरिक,मानसिक एवं वैचारिक विकास भी अच्छा होता है।यह एक ऐसी  सुदृढ़ परम्परा है जिससे न केवल बड़ों का आशीर्वाद ही मिलता है अपितु बड़ों के स्वभाव की अच्छी बातें भी हमारे अंदर आती हैं।  

 
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चरण स्पर्श का वैज्ञानिक मत 
  • जब हम किसी बड़े के पैर छूते हैं तो हम अपने हाथों को उनके पैरों पर रखते हैं ।  और वो अपना स्नेहल हाथ हमारे सिर पर रखते हैं।इस तरह विद्युत चुम्बकीय ऊर्जा का चक्र बन जाता है।और उनकी ऊर्जा हमारे अंदर प्रवाहित होने लगती है ।वैज्ञानिक न्यूटन के सिद्धांत के अनुसार सभी वस्तुओं में गुरुत्वाकर्षण होता है ।इसमें सिर को उत्तरी ध्रुव और पैरों को दक्षिणी ध्रुव माना गया है।ये गुरुत्व या चुम्बकीय ऊर्जा हमेशा उत्तरी ध्रुव से दक्षिणी ध्रुव की ओर प्रवाहित होकर अपना चक्र पूरा करती है।शरीर के दक्षिणी ध्रुव मतलब पैरों में यह ऊर्जा बहुत अधिक मात्रा मैं इकठ्ठी हो जाती है।पैरों से हाथों द्वारा इस ऊर्जा को ग्रहण करने की प्रक्रिया ही चरण स्पर्श कहलाती है ।  

 
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ये भी हैं फायदे
  • चरण स्पर्श व्यक्ति के मनोबल को बढ़ाता है।यदि आप किसी विशेष लक्ष्य की प्राप्ति हेतु घर से निकल रहे हैं तो चरण स्पर्श करने से उस लक्ष्य को पाने का बल मिलता है,मन को शान्ति मिलती है।अपने से बड़ों का आशीर्वाद सुरक्षा कवच का कार्य करता है जिससे सोच सकारात्मक हो जाती है।ये सब चीज़ें पैर छूने वाले व्यक्ति  को सफलता के नज़दीक ले जाती है।चरण स्पर्श करने से अमुक व्यक्ति की शारीरिक कसरत भी होती है।झुककर पैर छूने, घुटने के बल बैठकर या साष्टांग दण्डवत करने से शरीर लचीला होता है।साथ ही आगे की ओर झुकने से सिर में रक्त का संचार बढ़ता है जो सेहत के लिए फायदेमंद है । 


 
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सही तरीका
  • पैर छूते समय यदि बाएं हाथ से बाएं पैर और दाएं हाथ से दाएं पैर का स्पर्श किया जाए तो सजातीय ऊर्जा का प्रवेश सजातीय अंग से तेज़ी से पूर्ण होता है । अगर इसके विपरीत किया जाए तो ऊर्जा के प्रवाह में रुकावट उत्पन्न हो जाएगी ।
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