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Chaitra Durga ashtami 2021: दुर्गा अष्टमी पर पूजा के तीन मुहूर्त, जानिए तिथि, महत्व और पूजा विधि

Mon, 19 Apr 2021 02:10 PM IST
Shashi Shashi धर्म डेस्क, अमर उजाला
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maha ashtami
नवरात्रि के नौ दिनों तक मां दुर्गा के नौ स्वरूपों का पूजन किया जाता है। नवरात्रि में अष्टमी और नवमी तिथि का बहुत महत्व होता है। इस बार चैत्र नवरात्रि की अष्टमी तिथि 20 अप्रैल 2021 दिन मंगलवार को पड़ रही है। इस दिन मां महागौरी की पूजा करने का प्रावधान है। अष्टमी और नवमी तिथि पर लोग अपने घरों और मंदिरों में हवन एवं कन्या पूजन करते हैं। नवरात्रि में अष्टमी तिथि को दुर्गा अष्टमी या महाअष्टमी भी कहा जाता है। अष्टमी तिथि पर मां आदिशक्ति जगदंबा की पूजा आराधना करने से भक्तों के सभी संकट दूर हो जाते हैं तो चलिए जानते हैं दुर्गा अष्टमी शुभ मुहूर्त महत्त्व और पूजन विधि
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नवरात्रि 2021 अष्टमी तिथि शुभ मुहूर्त
अष्टमी तिथि पूजा शुभ मुहूर्त-
हिन्दू पंचांग के अनुसार 20 अप्रैल 2021 रात्रि 12 बजकर 01 मिनट के बाद से अष्टमी तिथि शुरू हो जायेगी। जो कि 20 अप्रैल को पूरे दिन रहेगी और 21 अप्रैल रात्रि 12 बजकर 43 मिनट तक रहेगी। 
 
सुबह 7 बजकर 15 मिनट से 09 बजकर 05 मिनट तक

दोपहर 01 बजकर 40 मिनट से से 03 बजकर 50 मिनट तक

रात 8 बजकर 35 मिनट से रात 10 बजकर 50 मिनट तक
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नवरात्रि 2021 अष्टमी तिथि का महत्व
अष्टमी का महत्व
अष्टमी तिथि पर विधि-विधान से पूजा करने से मां दुर्गा की कृपा से सुख, समृद्धि, यश, कीर्ति, विजय, आरोग्यता प्राप्त होती है। अष्टमी तिथि पर आदिशक्ति मां दुर्गा पूजा करने से सभी कष्ट मिट जाते हैं और शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती। यह तिथि परम कल्याणकारी और दुखों का नाश करने वाली है।

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नवरात्रि 2021 ज्योतिष में अष्टमी का महत्व
ज्योतिष के अनुसार अष्टमी तिथि का महत्व
ज्योतिष शास्त्र में अष्टमी तिथि को बलवती और व्याधि नाशक तिथि कहा गया है। यदि किसी पक्ष में अष्टमी तिथि मंगलवार के दिन पड़ती है। तो उस दिन यह सिद्धिद्दा योग बनाती है। ज्योतिष में सिद्धिदा योग को शुभ योग कहा गया है। इस बार चैत्र शुक्ल नवरात्रि की अष्टमी तिथि मंगलवार को पड़ रही है।
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नवरात्रि 2021 अष्टमी तिथि पर शस्त्र पूजा का विधान है (प्रतीकात्मक तस्वीर)
अष्टमी तिथि पर देवी के शस्त्रों की पूजा
पौराणिक कथाओं के अनुसार अष्टमी तिथि को ही माता ने चंड मुंड का संहार किया था, इसलिए अष्टमी को शस्त्र पूजन का भी विधान है। यह तिथि विजय दिलाने वाली मानी गई है। यदि अष्टमी तिथि पर मंत्रों उच्चारण के साथ विधि विधान से पूजा की जाए तो यह विजय प्राप्ति करने के लिए बहुत उत्तम मानी गई है। इस दिन किए गए कार्यों में सफलता प्राप्त होती है।
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नवरात्रि 2021 अष्टमी तिथि पर पूजन (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : shutterstock
अष्टमी तिथि पर पूजा
नवरात्रि में अष्टमी तिथि को मां महागौरी की विधि विधान से पूजा करें औ उन्हें सुहाग का सामना और लाल चुनरी चढ़ाएं। इस दिन हवन करने का भी प्रावधान है, यदि स्वयं कर सकते हैं तो ठीक है या फिर किसी योग्य पंडित से हवन करवाएं और हवन में आहुतियां दें। इस दिन देवी के शस्त्रों की पूजा करनी चाहिए। 
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