सावन मास की संकष्टी चतुर्थी आज है। यह संकष्टी चतुर्थी मंगलवार के दिन पड़ी है इसलिए इसे अंगारकी चतुर्थी कहते हैं। हिन्दू पंचांग के प्रत्येक मास में कृष्ण पक्ष में पड़ने वाली चतुर्थी तिथि को संकष्टी चतुर्थी के रूप में मनाया जाता है। यह तिथि भगवान गणेश जी को समर्पित है। वे अपने भक्तों के समस्त प्रकार के विघ्न हर लेते हैं। इस कारण उन्हें विघ्नहर्ता भी कहा जाता है। दरअसल संकष्टी से आशय संकट हरने वाली तिथि से है। यह दिन भगवान गणेश को प्रसन्न करने के लिए बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन भक्त व्रत रखकर भगवान गणेश का विधि-विधान के साथ पूजन करते हैं। जो भक्त आज के दिन सच्चे मन से व्रत-पूजन करता है। उस पर भगवान गणेश जी की कृपा होती है। उनकी कृपा से घर में शुभता बनी रहती है और कोई भी कार्य बिना किसी विघ्न बाधा के पूर्ण हो जाता है। तो आइए जानते हैं संकष्टी चतुर्थी महत्व, मुहूर्त और पूजा विधि।