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Anant Chaturdashi 2021: अनंत चतुर्दशी पर आज बना है शुभ योग, जानें शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

Sun, 19 Sep 2021 06:51 AM IST
शशि सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला
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अनंत चतुर्दशी 2021
हिंदू पंचांग के अनुसार प्रत्येक वर्ष भादप्रद माह में शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को अनंत चौदस या अनंत चतुर्दशी के रुप में मनाया जाता है। अनंत चौदस आज 19 सिंतबर 2021 को है। जहां उस दिन गणपति बप्पा को विदा किया जाता है तो वहीं भगवान विष्णु की पूजा अर्चना के लिए भी ये दिन बहुत विशेष माना गया है। इस दिन लोग व्रत रखकर भगवान नारायण विष्णु की पूजा करते हैं। यह दिन बहुत ही मंगलकारी माना जाता है। इसके साथ ही इस बार की अनंत चौदस और भी ज्यादा शुभफलदायी है। इस बार अनंत चौदस पर बुधादित्य योग बन रहा है। जो भक्तों के लिए अत्यंत शुभफलदायी रहेगा। इस दिन भक्त भगवान विष्णु को अनंत सूत्र बांधते हैं और उनकी पूजा-अर्चना करते हैं। जानए अनंत चौदस का महत्व, तिथि और व्रत की विधि...
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अनंत चतुर्दशी 2021
अनंत चौदस पर बन रहा है बुधादित्य योग
इस बार की अनंत चौदस भक्तों के लिए और भी मंगलकारी रहेगी क्योंकि इस बार अनंत चौदस के दिन मंगल, बुध और सूर्य तीनों ही कन्या राशि में विराजमान रहेंगे। इस वजह से इस दिन बुधादित्य योग का निर्माण हो रहा है। इस योग में पूजा अर्चना करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है।
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अनंत चतुर्दशी 2021
अनंत चौदस का महत्व
जैसा कि इस पर्व का नाम है इस दिन भगवान विष्णु को अनंत सूत्र बांधा जाता है। ये अनंत सूत्र कपड़े, सूत या रेशम का बनाया जाता है। पूजन के बाद या धागा अपने बाजू पर बांध लिया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस सूत्र को बांधने से सभी बाधाओं से मुक्ति प्राप्त होती है।

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अनंत चतुर्दशी 2021 - फोटो : lord vishnu (demo pic)
अनंत चौदस पूजा का मुहूर्त-
भादप्रद शुक्ल पक्ष चतुर्दशी आरंभ-19 सितंबर 2021 दिन रविवार प्रातः 05 बजकर 59 मिनट से
भादप्रद शुक्ल पक्ष चतुर्दशी समाप्त-  20 सितंबर 2021 दिन सोमवार प्रातः 05 बजकर 28 मिनट पर
पूजा मुहूर्त- 19 सितंबर सुबह 06 बजकर 08 मिनट से लेकर अगली सुबह 05 बजकर 28 मिनट तक पूजा का समय रहेगा।
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अनंत चतुर्दशी 2021
अनंत चतुर्दशी पर पूजा विधि-
  • अनंत चतुर्दशी के दिन प्रातः जल्दी उठकर स्नानादि करें।
  • इसके बाद पूजा स्थल पर कलश स्थापित करें और कलश पर भगवान विष्णु की तस्वीर भी स्थापित करें।
  • धागे पर कुमकुम, केसर और हल्दी से रंगकर उसमें चौदह गांठे बांधकर अनंत सूत्र बनाएं।
  • अब इस अनंत सूत्र को भगवान विष्णु के समक्ष रखें और विष्णु जी के साथ सूत्र की भी पूजा करें।
पूजा करते समय इस मंत्र का जाप करें।
 'अनंत संसार महासुमद्रे मग्रं समभ्युद्धर वासुदेव। 
अनंतरूपे विनियोजयस्व ह्रानंतसूत्राय नमो नमस्ते।।' 

पूजन पूर्ण हो जाने के बाद अनंत सूत्र को अपने और परिवार में सबके बाजू पर बांध दें।
 
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