आमलकी एकादशी 20210 (प्रतीकात्मक तस्वीर)
आमलकी एकादशी व्रत की पूजा विधि
एकादशी को प्रातः जल्दी उठकर स्नानादि करने के पश्चात भगवान विष्णु का ध्यान करते हुए व्रत का संकल्प करें।
भगवान विष्णु की पूजा आरंभ करें, उनके समक्ष घी का दीपक प्रज्वलित करें।
धूप जलाएं और भगवान विष्णु को पुष्प अर्पित करें।
यदि आस-पास कोई आंवले का वृक्ष हो तो वहां पर जाकर धूप, दीप, चंदन, रोली, पुष्प, अक्षत आदि से पूजन करें।
यदि आंवले का वृक्ष न होत तो भगवान विष्णु को को आंवला अर्पित करें।
पूजा संपन्न करने के पश्चात विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें।
द्वादशी तिथि यानि एकादशी तिथि के अगले दिन प्रातः उठकर स्नान करने के पश्चात का भगवान विष्णु करें। इसके बाद किसी जरुतमंद व्यक्ति या ब्राह्मण को भोजकर करवाकर कलश, वस्त्र और आंवला आदि दान करके उन्हें दक्षिणा देकर विदा करें। पारणा मुहूर्त में स्वयं भी भोजन ग्रहण कर व्रत का पारण करें।