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Adhik Mass 2020: अधिकमास में तुलसी की पूजा में इन बातों का रखें ध्यान

Wed, 30 Sep 2020 07:44 AM IST
रुस्तम राणा धर्म डेस्क, अमर उजाला
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अधिक मास 2020 - फोटो : सोशल मीडिया
अधिक मास के स्वामी भगवान विष्णु हैं। इस दौरान श्रीहरि के विभिन्न स्वरूपों की पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार ऐसा कहा जाता है कि मलमास में तुलसी की पूजा जरूर करनी चाहिए। पुरूषोत्तम मास में तुलसी की पूजा करने से भगवान विष्णु का आशीर्वाद प्राप्त होता है और घर में सुख-समृद्धि आती है। लेकिन तुलसी पूजा को नियमानुसार करना चाहिए तभी जातक को इस पूजा का फल प्राप्त होता है।
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तुलसी का पौधा है मां लक्ष्मी का स्वरूप - फोटो : अमर उजाला
हिन्दू धार्मिक ग्रंथों में तुलसी के पौधे को पवित्र, पूजनीय और देवी स्वरूप बताया गया है। तुलसी के बिना भगवान विष्णु का भोग अधूरा माना जाता है। कहते हैं जिस घर में तुलसी का पौधा होता है और नियमित रुप से उसे सींचा जाए और रोज सुबह उसकी पूजा कि जाए तो मन शांत रहता है।
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तुलसी पूजा के नियम - फोटो : अमर उजाला
रोजाना प्रातः काल तुलसी के दर्शन करने से आरोग्यता मिलती है। जो व्यक्ति निस्वार्थ भाव से तुलसी की नियम पूर्वक पूजा करता है उसके सारे पाप नष्ट हो जाते हैं। उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है। शास्त्रों के अनुसार तुलसी पूजन और उसके पत्तों को तोड़ने के लिए नियमों का पालन करना अति आवश्यक होता है।

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तुलसी का पौधा - फोटो : Social media
कार्तिक महीने में तुलसी जी और शालीग्राम का विवाह किया जाता है। इसलिए कार्तिक माह में तुलसी की पूजा करने से जीवन में सकारात्मक बदलाव आते हैं, इस माह तुलसी की पूजा करने से सारी मनोाकामनाएं पूरी होती हैं। तुलसी का पौधा हमेशा घर के आंगन में लगाना चाहिए, लेकिन आज के समय में जगह का अभाव होने की वजह से आप इसे घर की बालकनी में भी लगा सकते हैं।
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मलमास में करें तुलसी की पूजा - फोटो : Social media
रोज सुबह स्वच्छ होकर तुलसी के पौधे में जल देना चाहिए एवं उसकी परिक्रमा करनी चाहिए। सायं काल में तुलसी के पौधे के नीचे घी का दीपक जलाना बहुत शुभ होता है। रविवार के दिन तुलसी के पौधे में दीपक नहीं जलाना चाहिए। भगवान गणेश, मां दुर्गा और भगवान शिव को तुलसी न चढ़ाएं।
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तुलसी का पौधा है पूजनीय - फोटो : सोशल मीडिया
तुलसी को तोड़ने से पहले उसे प्रणाम करें और इस मंत्र का उच्चारण करें - महाप्रसाद जननी, सर्व सौभाग्यवर्धिनी, आधि व्याधि हरा नित्यं, तुलसी त्वं नमोस्तुते। तुलसी को अकारण न तोड़े। यह उनका अपमान होता है। तुलसी की पत्तियां तोड़ते समय स्वच्छता का पूरा ध्यान रखें, तुलसी के पौधे को कभी गंदे हाथों से स्पर्श नहीं करना चाहिए। 
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तुलसी का पौधा - फोटो : Pixabay
रविवार, चंद्रग्रहण और एकादशी के दिन तुलसी नहीं तोड़ना चाहिए। तुलसी को सदैव सुबह के समय तोड़ना चाहिए। अगर आपको तुलसी का उपयोग करना है तो सुबह के समय ही पत्ते तोड़ कर रख लें, क्योंकि तुलसी के पत्ते कभी बासी नहीं होते हैं।
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