फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जानें शनि की सनसनी दूर करने से लेकर सुख-समृद्धि दिलाने वाले पीपल की पूजा के अचूक उपाय

Tue, 02 Jul 2019 10:48 AM IST
Madhukar Mishra धर्म डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
1 of 6
पीपल की पूजा के लाभ
सनातन परंपरा में पवित्र पीपल के वृक्ष की पूजा का अत्यधिक महत्व है। लोगों की आस्था से जुड़े इस वृक्ष के पीछे भी उद्देश्य इसका संरक्षण करना है क्योंकि वैज्ञानिक दृष्टि से पीपल का पेड़ रात में भी ऑक्सीजन प्रदान करता है। वहीं धार्मिक दृष्टि से बात करें तो स्वयं भगवान श्रीकृष्ण ने कहा है कि वृक्षों में मैं पीपल हूं। देवत्व से जुड़े इस वृक्ष की छांव में जाने पर हमें सकारात्मक ऊर्जा की अनुभूति होती है। कुंडली से जुड़े तमाम ग्रह दोषों को शांत करने में भी पीपल की पूजा काफी लाभदायक होती है। पीपल की पूजा से जुड़े ऐसे ही चमत्कारी उपायों को जानने के लिए आगे की स्लाइड क्लिक करें —  
विज्ञापन

2 of 6
पीपल की पूजा के लाभ
1.
शनिवार के दिन जल में गुड़ या शक्कर मिलाकर पीपल को जल देने और तेल का दीपक जलाने से भी शनिदेव की कृपा प्राप्त होती है। इस उपाय को शनिवार के साथ प्रतिदिन भी जारी रख सकते हैं।
विज्ञापन

3 of 6
पीपल की पूजा के लाभ
2.
पीपल कै पेड़ के नीचे बैठकर ध्यान-साधना और ईश्वर की आराधना करने से जीवन से जुड़ी सभी बाधाएं दूर होती हैं और मनोकामाएं पूरी होती हैं। इस उपाय को अमावस्या के दिन करने से शीघ्र लाभ होता है और सकारात्मक ऊर्जा की प्राप्ति भी होती है। 

4 of 6
पीपल की पूजा के लाभ
3.
पीपल के पत्ते पर सोमवार अथवा अपने जन्म नक्षत्र वाले दिन तोड़ कर धूप-दीप दिखाने के बाद उस पर सिंदूर से “ह्रिं” लिख कर अपने कार्य स्थल पर रखें। पीपल की इस पूजा का उपाय से धन संबंधी बाधाएं दूर होंगी और मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होगी। 
विज्ञापन

5 of 6
पीपल की पूजा के लाभ
4.
पीपल के वृक्ष की 'ॐ नमो नारायणाय' मंत्र का जप करते हुए परिक्रमा करने भगवान विष्णु की कृपा से सुखों की प्राप्ति होती है और सभी दु:ख और कष्ट दूर होते हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
पीपल की पूजा के लाभ
5.
शनि संबंधी दोषों को दूर करने के लिए पीपल के पेड़ के नीचे बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ करें। इस उपाय को करने से राहु और केतु ग्रहों की शान्ति भी होती है। 

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें