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Durga Ashtami 2023: दुर्गा अष्टमी आज, इन पांच प्रकार की पूजा से करें मां महागौरी को प्रसन्न

Sun, 22 Oct 2023 09:09 AM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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maha ashtami 2023 - फोटो : amarujala
आज नवरात्रि महाष्टमी का पर्व है। आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि 21 अक्तूबर को रात 9 बजकर 53 मिनट से शुरू होकर 22 अक्तूबर की शाम 07 बजकर 58 मिनट तक चलेगी। उदया तिथि के अनुसार महाष्टमी 22 अक्तूबर को मनाई जाएगी। इसके अलावा आज अष्टमी तिथि पर धृति योग के साथ सर्वार्थसिद्धि योग भी बन हुआ है। यह सर्वार्थ सिद्धि योग सुबह 06 बजकर 30 मिनट से शाम 06 बजकर 44 मिनट तक रहेगा। अष्टमी तिथि पर कन्या पूजन का विशेष महत्व होता है। कन्या पूजन 22 अक्तूबर को सुबह 06 बजकर 26 मिनट से आरंभ कर सकते हैं।
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Navratri Durga Ashtami 2023: दुर्गा अष्टमी आज, जानें तिथि, कन्या पूजन मुहूर्त, महत्व, पूजाविधि और मंत्र
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maha ashtami 2023 - फोटो : amarujala
शारदीय नवरात्रि में अष्टमी का खास महत्व होता है। इस दिन की अष्टमी को महाष्टमी कहते हैं और इस दिन खास तरह की पूजा आराधना होती है। यदि आपको यहां पर भी अष्टमी का पारण यानी उपवास को खोलते हैं तो उससे पहले जान लें कि इस दिन 5 प्रकार की पूजा होती है। यदि आप ये पूजा करते हैं तो माता रानी बहुत ही ज्यादा प्रसन्न होकर आशीर्वाद देंगी।
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maha ashtami 2023 - फोटो : amarujala
षोडशोपचार
दुर्गा अष्टमी के दिन मां की षोडशोपचार पूजा होती है। इसका अर्थ है कि मां महागौरी की 16 प्रकार के श्रृंगार करके उन्हें 16 प्रकार की सामग्रियां अर्पित की जाती हैं। 

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maha ashtami 2023 - फोटो : amarujala
घर में हवन 
यदि आप घर में पूजा कर रहे हैं तो सर्वप्रथ यज्ञवेदी की पूजा करें और उसके बाद ही हवन आरम्भ करें। 
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maha ashtami 2023 - फोटो : amarujala
कन्या पूजन 
बहुत से लोग अष्टमी तिथि को व्रत का पारण करते हैं तो ऐसे में कन्या भोज किया जाता है और अपने सामर्थ्यानुसार 9 कन्याओं की पूजा की जाती है इसे कुमारिका पूजा भी कहते हैं। 
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maha ashtami 2023 - फोटो : amarujala
संधि पूजा 
जब अष्टमी और नवमी तिथि संधि काल में हों यानी एक साथ मिल रही हों तब यह पूजा की जाती है। अष्टमी समाप्त होने के अंतिम 24 मिनट और नवमी आरम्भ होने के शुरुआती 24 मिनट संधि काल कहलाता है। 
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maha ashtami 2023 - फोटो : amarujala
निशीथ पूजा 
जब अष्टमी तिथि प्रारंभ होती है तब यह पूजा की जाती है। जैसे इस बार अष्टमी तिथि 22 अक्तूबर को है तो निशीथ पूजा 21 की रात को होगी। आप चाहें तो 22 अक्तूबर की रात्रि को भी निशीथ पूजा कर सकते हैं। 

 
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