Sawan 2025: जल्द सावन महीने की शुरुआत होने वाली है, जिसे प्रकृति और प्रेम का प्रतीक माना जाता है। यह देवों के देव महादेव का प्रिय माह भी है, जो प्रभु की पूजा-अर्चना को समर्पित है। हिंदू धर्म में इसे महाकाल को प्रसन्न और उनकी विशेष कृपा पाने का उत्तम अवसर माना जाता है। मान्यता है कि सावन में सृष्टि का संचालन स्वयं महादेव करते हैं, इसलिए इस समय की गई पूजा-तपस्या का फल साधक को अवश्य मिलता है। यही नहीं आर्थिक तंगी, रोग, क्लेश और तनाव से भी मुक्ति मिलती हैं।
पौराणिक कथा के अनुसार सावन में देवी पार्वती की तपस्या से प्रसन्न होकर महादेव ने उन्हें पत्नी के रूप में स्वीकार किया था। तभी से ऐसी मान्यता है सावन में शिव पूजन करने से मनचाहा वर पाने की कामना पूर्ण होती हैं। हालांकि सावन सोमवार पर भगवान शिव की उपासना करना और भी शुभ होता है। इस दिन व्रत रखने पर मन की सभी इच्छाएं पूरी होती हैं। लेकिन व्रत में कुछ खास नियमों का पालन अवश्य करना चाहिए। इससे पूजा का संपूर्ण फल मिलता है। ऐसे में आइए सावन सोमवार के व्रत नियमों को जानते हैं।