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Sawan Purnima 2025: बेहद खास संयोग में सावन का आखिरी दिन आज, इस शक्तिशाली पाठ से पाएं महादेव की कृपा

Sat, 09 Aug 2025 06:43 AM IST
मेघा कुमारी धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Sawan Purnima 2025: सावन महीने की पूर्णिमा तिथि पर रक्षाबंधन मनाया जाता है। इस बार 9 अगस्त 2025 को रक्षाबंधन है। अब चूंकि यह सावन माह की पूर्णिमा तिथि है, इसलिए इस दिन भगवान शिव, चंद्रमा और भगवान विष्णु की पूजा करना शुभ होता है। 
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Sawan Purnima 2025 - फोटो : अमर उजाला
Sawan Purnima 2025: सावन महीने की पूर्णिमा तिथि पर रक्षाबंधन मनाया जाता है। इस बार 9 अगस्त 2025 को रक्षाबंधन है। अब चूंकि यह सावन माह की पूर्णिमा तिथि है, इसलिए इस दिन भगवान शिव, चंद्रमा और भगवान विष्णु की पूजा करना शुभ होता है। इससे जीवन में सुख-समृद्धि और खुशियां वास करती हैं। इसके अलावा सावन पूर्णिमा पर शिवलिंग पर बेलपत्र चढ़ाने से महादेव प्रसन्न होते हैं। दरअसल, सावन महादेव का प्रिय महीना है। इस अवधि में प्रभु पृथ्वी पर आकर भक्तों की इच्छाएं पूरी करते हैं। इस दिन पूजन, व्रत, उपवास, रुद्राभिषेक और मंत्रजाप करने से मानसिक शांति सहित गृह कलह से मुक्ति मिलती हैं। अब चूंकि यह पूर्णिमा सावन महीने का अतिंम दिन है, इसलिए इस तिथि पर पवित्र नदियों में स्नान, जरूरतमंदों को वस्त्र दान, शिव जी को दूध अर्पित करने से सभी इच्छाएं पूरी होती हैं। हालांकि, शिव षडाक्षर स्तोत्र का पाठ करना भी कल्याणकारी होता है। इसके प्रभाव से शत्रुओं पर विजय और नकारात्मकता से छुटकारा मिलता है। ऐसे में आइए इस पाठ को जानते हैं। 
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Sawan Purnima 2025 - फोटो : Instagram
शुभ योग
  • सावन महीने की पूर्णिमा पर सर्वार्थ सिद्धि योग बना हुआ है, जो सुबह 5 बजकर 47 मिनट से दोपहर 2 बजकर 23 मिनट तक रहेगा। 
  • इस दिन सौभाग्य योग भी है, जो प्रात:काल से लेकर 10 अगस्त को तड़के 2 बजकर 15 मिनट तक है। 
  • शोभन योग 10 अगस्त को तड़के 2 बजकर 15 मिनट तक रहेगा। 
  • ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 22 मिनट से 5 बजकर 04 मिनट तक रहेगा। 
  • अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 17 मिनट से 12 बजकर 53 मिनट तक है।
  • अमृतकाल पूरे दिन रहने वाला है। 
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Sawan Purnima 2025 - फोटो : adobe
चौघड़िया मुहूर्त
  • लाभ काल- प्रातः 10:15 से दोपहर 12:00 बजे
  • अमृत काल-दोपहर 1:30 से 3:00 बजे
  • चर काल- सायं 4:30 से 6:00 बजे

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Sawan Purnima 2025 - फोटो : adobe
श्रीशिवषडाक्षरस्तोत्रम्

ॐकारं बिन्दुसंयुक्तं नित्यं ध्यानन्ति योगिनः।
कामदं मोक्षदं चैव ॐकाराय नमो नमः॥ ॥

नमंति ऋषयो देवा नामन्त्यपसरसां गणः।
नरा नमंति देवेशं निश्चयाय नमो नमः॥ 2॥

महादेवं महतनं महाध्यानं परायणम्।
महापापहरं देवं मकराय नमो नमः॥ 3॥

शिवं शांतं जगन्नाथं लोकानुग्रहकारकम्।
शिवमेकपदं नित्यं शिकाराय नमो नमः॥ 4॥

वाहनं वृषभो यस्य वासुकिः कंठभूषणम्।
वामे शक्तिधरं वेदं वक्राय नमो नमः॥ 5॥ वर. देवं

यत्र यत्र स्थितो देवः सर्वबन्ध महेश्वरः।
यो गुरुः सर्वदेवानां यकाराय नमो नमः ॥ 6॥

षडक्षरमिदं स्तोत्रं यः पथेच्छिवसंनिधौ।
शिवलोकमाप्नोति शिवेन सह मोदते ॥ 7॥

॥ इति श्री रुद्रायामले उमामहेश्वरसंवादे षडक्षरस्तोत्रं संपूर्णम् ॥
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Sawan Purnima 2025 - फोटो : adobe
ऊँ त्र्यम्बकं यजामहे, सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।
उर्वारुकमिव बन्धनान्, मृत्योमुर्क्षीय मामृतात्।

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डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
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