रंभा तीज की पौराणिक कथा
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रंभा तीज की पौराणिक कथा
रंभा तीज का पर्व एक अत्यंत दिव्य और अलौकिक कथा से जुड़ा हुआ है, जिसका संबंध सीधे समुद्र मंथन की घटना से है। पुराणों के अनुसार जब समुद्र मंथन आरंभ हुआ तो उसमें से क्रमशः 14 बहुमूल्य रत्न उत्पन्न हुए। इन्हीं अद्भुत रत्नों में से एक थीं, रंभा, जो एक अप्सरा थीं। वे अप्सराओं की रानी मानी जाती थीं और अद्वितीय सौंदर्य, मधुर वाणी, नृत्य-कला और मोहक स्वभाव की प्रतीक थीं। उनकी उपस्थिति मात्र से ही चारों दिशाओं में सौंदर्य और आकर्षण की लहर दौड़ जाती थी।