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Ramadan 2022 Iftar Sehri Timing: रमजान में क्या है सहरी और इफ्तार का मतलब, जानें सहरी-इफ्तारी का समय

Sat, 02 Apr 2022 09:35 PM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमरउजाला, नई दिल्ली
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भारत में 2 अप्रैल यानी शनिवार को चांद दिखने के कारण 3 अप्रैल से रमज़ान शुरू होगा। - फोटो : अमर उजाला
Ramadan 2022 Iftar Sehri Timing: रमजान का महीना इस्लाम में बहुत ही खास होता है। यह इस्लामिक कैलेंडर का नौवां महीना होता है। भारत में 2 अप्रैल यानी शनिवार को चांद दिखने के कारण 3 अप्रैल से रमज़ान शुरू होगा। रमज़ान के महीने में सभी बुरी आदते छोड़कर लोग रोजे रखते हैं और सच्चे दिल से अल्लाह की इबादत करते हैं। यह महीना इबादत का बेहद खास इसलिए भी है क्योंकि इस महीने ही पैगेम्बर मौहम्मद को कुरान की पहली झलक पेश की गई थी। जिस वजह से यह रमज़ान का महीना और भी खास हो जाता है। रमजान का महीना कभी 29 दिन का तो कभी 30 दिन का होता है। इस महीने में मुस्लिम समुदाय के लोग उपवास रखते हैं। उपवास को अरबी में “सौम” कहा जाता है, इसलिए इस मास को अरबी में माह-ए-सियाम भी कहते हैं।  फ़ारसी में उपवास को रोज़ा कहते हैं। आइए जानते हैं क्या है सहरी और इफ्तारी का मतलब और साथ ही जानें सहरी इफ्तारी का समय
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रोजे की शुरुआत सुबह सूरज निकलने से पहले फज्र की अजान के साथ होती है। इस समय सहरी ली जाती है।
फज्र की अज़ान के साथ होती है सहरी 
3 अप्रैल यानी रविवार को माह-ए-रमजान का पहला रोजा रखा जाएगा। इस महीने में मुस्लिम समुदाय के लोग पूरे 29 या 30 दिनों तक रोजा रखते हैं। रोजे की शुरुआत सुबह सूरज निकलने से पहले फज्र की अजान के साथ होती है। इस समय सहरी ली जाती है। इस्लामिक मान्यताओं के अनुसार, रमजान माह में सूर्य उगने से पहले खाना खाया जाता है। इसे सहरी नाम से जाना जाता है। सहरी करने का समय पहले से ही निर्धारित कर दिया जाता है। 
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शाम को नमाज पढ़ने के बाद खजूर खाकर रोजा खोला जाता है। इसी को इफ्तार नाम से जाना जाता है
मगरिब की अज़ान पर लेते हैं इफ्तार 
दिनभर बिना खाए-पिए रोजा रहने के बाद शाम को नमाज पढ़ने के बाद खजूर खाकर रोजा खोला जाता है। यह शाम को सूरज ढलने पर मगरिब की अजान होने पर खोला जाता है। इसी को इफ्तार नाम से जाना जाता है। इसके बाद से सुबह सहरी से पहले व्यक्ति कुछ भी खा पी सकता है। 

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रमजान में मुसलमान समुदाय के लोग पांच समय की नमाज पढ़ते हैं। - फोटो : अमर उजाला
रमजान में करते हैं पांच वक्त की नमाज अदा 
रमजान में मुसलमान समुदाय के लोग पांच समय की नमाज़ पढ़ते हैं। सुबह की नमाज जिसे फज्र, दोपहर की नमाज जिसे ज़ुहर (दुहर), शाम से पहले की नमाज जिसे असर, शाम के वक्त की नमाज जिसे मगरिब और शाम के बाद रात में पढ़ी जाने वाली नमाज जिसे इशा कहते हैं। ये पांचों वक्त का नमाज इस्लाम में बेहद महत्वपूर्ण है। रमजान के महीने में नमाज की खास अहमियत है। इन दिनों कुरान की तिलावत और दिन में रोजा रखकर करते हैं।  मुस्लिम समुदाय के लोग रमजान में तरावीह की विशेष नमाज को सामूहिक रूप अदा करते हैं।
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सहरी और इफ्तारी के लिए एक समय निर्धारित किया जाता है। - फोटो : istock
भारत में सहरी और इफ्तारी का समय 
तारीख  सहरी का समय   इफ्तार का समय
03 अप्रैल  2022 04:48 18:43
04 अप्रैल 2022 04:47 18:43
05 अप्रैल 2022 04:46 18:44
6 अप्रैल 2022 04:45 18:44
07 अप्रैल 2022 04:43 18:45 
08 अप्रैल 2022 04:42 18:45 
09 अप्रैल 2022 04:41 18:46 
10 अप्रैल 2022  04:40 18:46 
11 अप्रैल 2022 04:38 18:47 
12 अप्रैल 2022 04:37 18:48 
13 अप्रैल 2022 04:36 18:48 
14 अप्रैल 2022 04:35 18:49 
15 अप्रैल 2022 04:33 18:49 
16 अप्रैल 2022 04:32 18:50 
17 अप्रैल 2022 04:31 18:50 
18 अप्रैल 2022 04:30 18:51 
19 अप्रैल 2022  04:28 18:52
 20 अप्रैल 2022 04:27 18:52
21 अप्रैल 2022  04:26 18:53 
22 अप्रैल 2022 04:25 18:53 
23 अप्रैल 2022 04:24 18:54 
24 अप्रैल 2022  04:22 18:55 
25 अप्रैल 2022 04:21 18:55 
26 अप्रैल 2022  04:20 18:56 
27 अप्रैल 2022 04:19 18:56 
28 अप्रैल 2022 04:18 18:57 
29 अप्रैल 2022   04:17 18:58 
30 अप्रैल 2022 04:16 18:58 
01 मई  2022 04:15 18:59
02 मई 2022 04:14 18:59
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