15 अगस्त को रक्षाबंधन का त्योहार है। इस बार राखी का पर्व बहुत ही शुभ योग और संयोग में आ रहा है। आइए जानते हैं कुछ खास बातें... 1- इस बार रक्षाबंधन पर भद्रा का अशुभ छाया नहीं रहेगी। जिसके कारण से बहनें अपने भाईयों को सुबह से शाम तक राखी बांध सकती हैं। 19 साल बाद स्वतंत्रता दिवस और रक्षाबंधन का त्योहार एक साथ मनाया जाएगा। इससे पहले यह संयोग साल 2000 में बना था। रक्षाबंधन पर सिद्धि, सौभाग्य और शोभन योग रहेगा। सावन पूर्णिमा के दिन ही श्रवण नक्षत्र की शुरुआत होती है। इस नक्षत्र में किया गया कार्य शुभ होता है। रक्षाबंधन का पर्व गुरुवार के दिन पड़ने के कारण इसका महत्व काफी है। गुरुवार को पूर्णिमा तिथि और श्रवण नक्षत्र के मिलने से सिद्धि योग बन रहा है। रक्षाबंधन से 4 दिन पहले ही गुरु मार्गी हुए हैं यानि वह अब सीधी चाल चलेंगे। ज्योतिष नजरिए से इसका विशेष महत्व है। श्रवण नक्षत्र, सौभाग्य योग, बव करण के साथ सूर्य कर्क राशि में रहेंगे जबकि चंद्रमा मकर राशि में होंगे।