Nag panchami 2024
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वासुकि नाग
धार्मिक मान्यताओं के वासुकि नाग को नागों का राजा माना जाता है। ये देवों के देव महादेव के गले की शोभा को बढ़ाते हैं। कई ग्रंथों में वासुकि नाग के अध्ययन से पता चलता है कि नागों की इस प्रजाति को महर्षि कश्यप व कद्रू की संतान माना गया है। वहीं ये भी कहा जाता है कि जब माता कद्रू ने नागों को सर्प यज्ञ में भस्म होने का शाप दिया था, तब नागों की रक्षा के लिए वासुकि चिंतित हुए थे। उनकी चिंता को देखते हुए एलापत्र नामक नाग ने उन्हें कहा कि आपकी बहन जरत्कारु से उत्पन्न पुत्र ही सर्प यज्ञ रोक पाएंगे।
एलापत्र नाग की बात सुनकर नागराज वासुकि ने अपनी बहन का विवाह ऋषि जरत्कारु से करवा दिया था। विवाह के कुछ समय बाद जरत्कारु ने आस्तीक नामक विद्वान पुत्र को जन्म दिया। फिर आस्तीक ने ही अपने प्रिय वचन से राजा जनमेजय के सर्प यज्ञ को बंद करवाया था।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।