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Krishna Janmashtami 2020: जब राधा ने कान्हा को किया था छूने से मना, जानें क्या थी वजह

Thu, 06 Aug 2020 07:16 AM IST
रुस्तम राणा धर्म डेस्क, अमर उजाला
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श्री कृष्ण जन्माष्टमी 2020 - फोटो : अमर उजाला
Krishna Janmashtami 2020: कृष्ण जन्माष्टमी 12 अगस्त मनाई जाएगी। यह हिन्दू धर्म का बड़ा ही पावन उत्सव है। इस दिन बालगोपाल के आगमन के लिए भक्तों के द्वारा तैयारियां की जाती हैं। व्रत-उपवास रखें जाते हैं। उनके लिए झूले सजाएं जाते हैं। भगवान श्रीकृष्ण की लीलाएं अमर हैं। उन्हीं लीलाओ में से उनकी एक प्रेम लीला भी शामिल हैं। यह लीला उन्होंने राधा रानी के साथ रची थी। 
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देशभर में जन्माष्टमी की धूम - फोटो : PTI
पूरे संसार में भगवान श्रीकृष्ण और राधा का प्रेम प्रसिद्ध है। भगवान श्री कृष्ण और राधा का प्रेम अनोखा है। दोनों एक दूसरे के हृदय में रहते हैं। लेकिन एक बार श्री कृष्ण ने ऐसा काम किया कि राधा संग समस्त गोपियां कृष्ण से दूर-दूर रहने लगी। राधा ने कृष्ण से यह भी कहा कि मत छूना मुझे।
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जन्माष्टमी के अवसर पर कार्यक्रम - फोटो : अमर उजाला
इस घटना के बाद कृष्ण ने जो किया उसकी निशानी आज भी गोवर्धन पर्वत की तलहटी में कृष्ण कुंड के रुप में मौजूद है। इस कुंड के निर्माण का कारण राधा कृष्ण यह संवाद माना जाता है जब राधा ने कृष्ण को अपना स्पर्श करने से मना कर दिया था।

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कृष्ण जन्माष्टमी - फोटो : अमर उजाला
इसकी वजह यह थी कि, भगवान श्री कृष्ण ने कंश के भेजे हुए असुर अरिष्टासुर का वध कर दिया था। अरिष्टासुर बैल के रुप में व्रजवासियों को कष्ट देने आया था। बैल की हत्या करने के कारण राधा और गोपियां कृष्ण को गौ का हत्यारा मान रही थी।
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कृष्ण जन्माष्टमी - फोटो : अमर उजाला
कृष्ण ने राधा को खूब समझाने का प्रयास किया कि उसने बैल की नहीं बल्कि असुर का वध किया है। कृष्ण के समझाने के बाद भी जब राधा नहीं मानी तो श्री कृष्ण ने अपनी ऐड़ी जमीन पर पटकी और वहां जल की धारा बहने लगी।
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जन्माष्टमी - फोटो : अमर उजाला
इस जलधारा से एक कुंड बन गया। श्री कृष्ण ने तीर्थों से कहा कि आप सभी यहां आइए। कृष्ण के आदेश से सभी तीर्थ राधा कृष्ण के सामने उपस्थिति हो गए। इसके बाद सभी कुंड में प्रवेश कर गए। श्री कृष्ण ने इस कुंड में स्नान किया और कहा कि इस कुंड में स्नान करने वाले को एक ही स्थान पर सभी तीर्थों में स्नान करने का पुण्य प्राप्त हो जाएगा।
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