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Janmashtami 2020: कृष्ण जी को भोग में चढ़ाई जाती हैं ये चीजें

Tue, 11 Aug 2020 04:15 PM IST
Shashi Shashi ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
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कृष्ण जन्माष्टमी 2020 - फोटो : अमर उजाला
भादो मास में कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि के दिन जन्माष्टमी का त्योहार बड़े धूमधाम के साथ मनाया जाता है। इसबार की जन्माष्टमी 12 अगस्त को है। कृतिका नक्षत्र है। इस दिन कृष्ण जी को सिहांसन पर विराजमान किया जाता है। कृष्ण जी के बालस्वरुप को गंगाजल से स्नान करवाकर विभिन्न चीजों से कान्हा का श्रंगार किया जाता है। अष्टमी तिथि को मध्य रात्रि में जन्म होने के बाद उन्हें झूले में झुलाते हैं। पूजा करके भोग लगाया जाता है। कुछ जगहो पर कान्हा को 56 भोग भी लगाएं जाते हैं। लेकिन जन्माष्टमी के दिन घर में हम इन चीजों का भोग लगा सकते हैं। जानते हैं कि इस दिन बाल गोपाल को कौन सी चीजों का भोग लगाना चाहिए।
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कृष्ण जन्माष्टमी 2020 माखन मिश्री का भोग लगाएं(प्रतीकात्मक तस्वीर)
माखन मिश्री कान्हा जी को सबसे ज्यादा प्रिय है। बालपन में कृष्ण जी माखन मिश्री चुरा कर खाया करते थे। साथ ही ग्वाल बालो को भी खिलाते थे। जन्माष्टमी के दिन कृष्ण जी को माखन मिश्री का भोग भी लगाना चाहिए।  
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कृष्ण जन्माष्टमी 2020 भोग (प्रतीकात्मक तस्वीर)
पंचामृत के बिना कान्हा जी की पूजा अधूरी मानी जाती है। इसलिए कृष्ण जन्माष्टमी के दिन भोग में पंचामृत अवश्य बनाएं। पंचामृत पांच चीजों के मिश्रण से बनाया जाता है। घी, दूध, दही तुलसी के पत्ते, गंगाजल और  शहद मिलाकर पंचामृत बनाएं। 

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कृष्ण जन्माष्टमी 2020 (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Social media
पंचामृत के साथ जन्माष्टमी के दिन भोग लगाने के लिए पंजीरी बनाना सबसे जरुरी होता है। आटे या सूजी को घी में भूनकर पंजीरी बनाई जाती है। कुछ जगहों पर इसे आटे का कसार भी कहा जाता है।
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कृष्ण जन्माष्टमी 2020 (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Social media
कृष्ण की पूजा में अन्य चीजों के साथ फल भी अर्पित किए जाते हैं, लेकिन प्रसाद नें खीरा भी अवश्य रखना चाहिए। खीरा चढ़ाने का विशेष महत्व माना गया है। 
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कृष्ण जन्माष्टमी 2020 (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : अमर उजाला
जन्माष्टमी के दिन भोग लगाने के लिए प्रसाद के रूप में मखाने, गोला और सूखे मेवा डाल कर पाक बनाया जाता है।  सूखे मेवा को घी में भूनकर चीनी का पाक(चाशनी) बनाकर जमाया जाता है। इसे मेवा की कतली भी कहते हैं। 
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