Karwa Chauth 2025: करवा चौथ सभी सुहागिनों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। इस दिन महिलाएं वैवाहिक जीवन सुखमय, पति की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और तरक्की के लिए निर्जला व्रत रखती हैं।
Karwa Chauth 2025: करवा चौथ सभी सुहागिनों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। इस दिन महिलाएं वैवाहिक जीवन सुखमय, पति की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और तरक्की के लिए निर्जला व्रत रखती हैं। यह व्रत न केवल उपवास है बल्कि इसे प्रेम और समर्पण का प्रतीक माना जाता है। इस तिथि पर करवा माता की उपासना और चंद्रमा के पूजन का विधान है। इसके प्रभाव से सुहागिनों को अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद मिलता है। हालांकि, इस दिन इन तीन बातों का खास ध्यान रखना चाहिए अन्यथा नकारात्मकता आ सकती हैं। आइए इसके बारे में जानते हैं।
धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक करवा चौथ के व्रत में नुकीली वस्तुओं का उपयोग नहीं करना चाहिए। इस दौरान चाकू, कैंची या सुई जैसी चीजों का प्रयोग भूलकर भी न करें। यह अशुभ होता है।
करवा चौथ के दिन पूजा के समय पूरे सोलह श्रृंगार के साथ बैठना चाहिए। साथ ही चंद्रमा की उपासना भी सोलह श्रृंगार के साथ करना शुभ होगा है। इससे वैवाहिक जीवन सुखमय और रिश्तों में शांति, प्रेम व विश्वास बढ़ता है।
करवा चौथ का व्रत कठिन उपवासों में से एक है, क्योंकि यह निर्जला होता है। व्रत का पारण हमेशा चंद्रमा निकलने के बाद किया जाता है। इसलिए इस पूरे दिन अन्न-जल को गलती से भी ग्रहण नहीं करना चाहिए।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।