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Dhanteras 2025: कब है धनतेरस? जानें सही तिथि और यम दीप जलाने का शुभ समय

Tue, 07 Oct 2025 01:06 PM IST
ज्योति मेहरा ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Dhanteras Kab Hai: कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को धनतेरस का पर्व मनाया जाता है, इसे दीपावली महापर्व की शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। आइए जानते हैं कि इस बार धनतेरस का पर्व किस दिन मनाया जाएगा और पूजा का शुभ मुहूर्त क्या रहने वाला है।
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धनतेरस 2025 पूजा का शुभ मुहूर्त - फोटो : Amar Ujala
Dhanteras 2025 Date And Time: धनतेरस से दीपावली महापर्व की शुरुआत हो जाती है, जिसे धन त्रयोदशी भी कहा जाता है। इस दिन विशेष रूप से यमराज के लिए दीपक जलाने की परंपरा है, जिसे यम दीपदान कहा जाता है। माना जाता है कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को यह पर्व मनाया जाता है। संध्या के समय माता लक्ष्मी, भगवान कुबेर और गणेश जी की विधिपूर्वक पूजा का विधान है। इस अवसर पर सोना-चांदी, गहने, वाहन, मकान, भूमि जैसी अन्य मूल्यवान वस्तुएं खरीदना शुभ माना जाता हैं।
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धनतेरस कब है?
दृक पंचांग के अनुसार, इस वर्ष कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी तिथि 18 अक्तूबर शनिवार को दोपहर 12:18 बजे आरंभ होगी और 19 अक्तूबर रविवार को दोपहर 1:51 बजे तक रहेगी। प्रदोष काल को देखते हुए धनतेरस का पर्व 18 अक्टूबर शनिवार को मनाया जाएगा। इसी के साथ दीपावली उत्सव का शुभारंभ भी हो जाएगा।
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विशेष योग और नक्षत्र - फोटो : freepik
विशेष योग और नक्षत्र
इस साल धनतेरस के दिन ब्रह्म योग और उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र का संयोग बन रहा है। पंचांग के अनुसार 18 अक्टूबर की सुबह ब्रह्म योग आरंभ होगा, जो रात 1:48 बजे तक रहेगा। वहीं पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र सुबह से लेकर दोपहर 3:41 बजे तक रहने वाला है। इसके बाद से उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र प्रभावी होगा। 
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धनतेरस पूजा का शुभ मुहूर्त - फोटो : adobe stock
धनतेरस पूजा का शुभ मुहूर्त
धनतेरस पर संध्या के समय पूजा करना अत्यंत फलदायी माना गया है। इस वर्ष 18 अक्टूबर को धनतेरस पूजन का शुभ समय शाम 7:16 बजे से रात 8:20 बजे तक रहेगा। इस दौरान माता लक्ष्मी, भगवान गणेश और धन के देवता कुबेर की आराधना करनी चाहिए।
ब्रह्म मुहूर्त- प्रातः 4:43 से 5:33 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त- सुबह 11:43 से दोपहर 12:29 बजे तक 
प्रदोष काल - शाम 05:48 से रात 08:20 बजे तक 
वृषभ काल - शाम 07:16 से रात 09:11 बजे तक 

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यम दीपदान का महत्व और समय - फोटो : adobe stock
यम दीपदान का महत्व और समय
धनतेरस पर प्रदोष काल में यमराज के लिए दीपक जलाने की परंपरा है। इस वर्ष यम दीपदान का समय 18 अक्टूबर को शाम 5:48 से रात 8:20 बजे तक रहेगा। मानी जीती है कि घर के बाहर दक्षिण दिशा में दीपक जलाने से अकाल मृत्यु का भय दूर होता है और परिवार के सदस्य दीर्घायु होते हैं।
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धनतेरस का महत्व - फोटो : adobe stock
धनतेरस का महत्व
धनतेरस को धन, वैभव और समृद्धि का प्रतीक माना गया है। इस दिन लक्ष्मी जी और कुबेर जी की आराधना करने से घर में सुख-संपत्ति और सौभाग्य का आगमन होता है। साथ ही इस दिन सोना-चांदी, आभूषण, वाहन या प्रॉपर्टी खरीदने को बहुत शुभ माना जाता है। इस दिन की गई खरीददारी घर में स्थायी समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है।

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।

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