कामिका एकादशी पर शालिग्राम पूजन
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कौन है भगवान शालिग्राम?
धार्मिक मान्यता है कि भगवान शालिग्राम को भगवान विष्णु का ही स्वरूप माना जाता है। इनकी पूजा काले, गोल, चिकने पत्थरों के रूप में की जाती है। ये पत्थर नेपाल में गंडक नदी के तल में पाए गए थे। सालग्राम में शांति के संरक्षक भगवान विष्णु को समर्पित एक मंदिर है। ऐसा कहा जाता है कि इसी स्थान के नाम पर भगवान का नाम शालिग्राम रखा गया। जिस घर में भगवान शालिग्राम विराजमान होते हैं, वहां हमेशा सुख-शांति बनी रहती है और परिवार के सदस्यों को जीवन में आने वाली समस्याओं से मुक्ति मिलती है।
पौराणिक कथा के अनुसार, तुलसी जी के श्राप से श्रीहरि विष्णु हृदयहीन शीला में परिवर्तित हो गए थे। उनके इस स्वरूप को शालिग्राम कहा जाता है। ऐसा कहा जाता है कि जिस घर में शालिग्राम की पूजा तुलसी के साथ की जाती है, वहां दरिद्रता नहीं आती है। भगवान शालिग्राम की पूजा करते समय विशेष सावधानियां बरतनी चाहिए। अगर आपके घर में भी शालिग्राम है तो यहां बताई गई बातें जरूर याद रखें।