Kamika Ekadashi 2021: कामिका एकादशी व्रत हर साल सावन माह कृष्ण पक्ष की एकादशी के दिन रखा जाता है। इस साल कामिका एकादशी व्रत 4 अगस्त, बुधवार के दिन रखा जाएगा। धार्मिक दृष्टि से कामिका एकादशी का बड़ा महत्व है। पद्म पुराण के अनुसार भगवान श्री कृष्ण ने युधिष्ठिर को एकादशी तिथि का महत्त्व समझाते हुए कहा है कि जैसे नागों में शेषनाग, पक्षियों में गरुड़, देवताओं में श्री विष्णु, वृक्षों में पीपल तथा मनुष्यों में ब्राह्मण श्रेष्ठ हैं, उसी प्रकार सम्पूर्ण व्रतों में एकादशी श्रेष्ठ है। सभी एकादशियों में नारायण के समान फल देने की शक्ति होती है। इस व्रत को करने के बाद और कोई पूजा करने की आवश्यकता नहीं होती। इनमें श्रावण मास में कृष्ण पक्ष की एकादशी जिसका नाम 'कामिका' है, उसके स्मरण मात्र से वाजपेय यज्ञ का फल मिलता है। इस दिन भगवान विष्णु की विधि-विधान से पूजा आराधना की जाती है। कामिका एकादशी के दिन शंख, चक्र गदा धारण करने वाले भगवान विष्णु की श्रीधर, हरि, विष्णु, माधव और मधुसूदन आदि नामों से भक्तिपूर्वक पूजा करनी चाहिए।