फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jitiya Vrat 2025: कब है जितिया व्रत का नहाय खाय? जानें व्रत की तिथि, नियम और पारण समय

Thu, 11 Sep 2025 12:34 PM IST
ज्योति मेहरा ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

हर साल आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी को जितिया व्रत रखा जाता है। आइए जानते हैं इस साल जितिया व्रत किस दिन रखा जाएगा। साथ ही जानेंगे नहाए खाए और पारण की सही तिथि क्या है...
विज्ञापन
1 of 5
जितिया व्रत पर नहाए-खाए और पूजा की परंपरा - फोटो : Amar Ujala
Jitiya Vrat 2025: माना जाता है कि इस संसार में मां के स्थान को कोई और नहीं ले सकता। बच्चों के प्रति मां का प्यार सबसे अधिक होता है। हिंदू धर्म में मां अपने बच्चों के सुख और दीर्घायु की कामना करते हुए उपास भी रखती हैं। इसे जितिया व्रत के नाम से जाना जाता है, जिसमें माताएं पूरे दिन निर्जला उपवास करती हैं। यह व्रत हर साल आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी को रखा जाता है और नवमी तिथि को इसका पारण किया जाता है।
Jivitputrika Vrat 2025: कब है जितिया व्रत? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और कथा
Pitru Paksha: श्राद्ध पक्ष में किस समय और मुहूर्त में करना चाहिए तर्पण, पिंडदान और पंचबलि कर्म?
व्रत के पहले दिन नहाए खाए की परंपरा भी है। जितिया व्रत को हिंदू धर्म के सबसे कठिन और महत्वपूर्ण व्रतों में गिना जाता है। इस व्रत में भगवान जीमूतवाहन की पूजा-अर्चना की जाती है। आइए जानते हैं कि इस साल जितिया व्रत किस दिन रखा जाएगा। साथ ही जानेंगे नहाए खाए और पारण की सही तिथि क्या है...
विज्ञापन

2 of 5
नहाए-खाए और पूजा की परंपरा - फोटो : freepik
नहाए-खाए और पूजा की परंपरा
जितिया व्रत से एक दिन पहले सप्तमी तिथि को ‘नहाए-खाए’ की परंपरा है। इस साल 13 सितंबर, शनिवार को नहाए-खाए किया जाएगा। इस दिन महिलाएं नदियों या पवित्र जल में स्नान करती हैं और फिर भगवान जीमूतवाहन की पूजा की जाती है। 
विज्ञापन

3 of 5
व्रत रखने का दिन - फोटो : adobe
व्रत रखने का दिन
इस बार अष्टमी तिथि का प्रारम्भ 14 सितंबर को 05:04 सुबह बजे होगा और इसका समापन 15 सितंबर को सुबह 03:06 बजे होगा। शास्त्रों में उदयातिथि का विशेष महत्व बताया गया है। इसी कारण माताएं 14 सितंबर को सूर्योदय से पहले कुछ खाकर-पानी पीकर तैयार हो जाएंगी और फिर सूर्योदय से लेकर अगले दिन सूर्योदय तक निर्जला व्रत का पालन करेंगी।

4 of 5
व्रत का पारण - फोटो : freepik
व्रत का पारण
यह उपवास 15 सितंबर को पूरा होगा। उस दिन सुबह 03:06 बजे अष्टमी तिथि समाप्त होगी। इसके बाद महिलाएं स्नान करके तुलसी में जल अर्पित करके नियम अनुसार व्रत का पारण कर सकती हैं।

Pitru Paksha 2025: इन चार जगहों पर भूलकर भी नहीं करना चाहिए तर्पण और पिंडदान, जानें कहां कर सकते हैं
Sarva Pitru Amavasya: सर्व पितृ विसर्जनी अमावस्या पर इस विधि से करें श्राद्ध, जानें सही समय और नियम
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
jitiya vrat - फोटो : freepik
यह पर्व पूर्वी भारत के कई राज्यों जैसे बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश में बड़े उत्साह से मनाया जाता है। इस दिन माताएं अपने बच्चों की सुरक्षा और दीर्घायु के लिए जीमूतवाहन देवता की आराधना करते हुए यह उपवास रखती हैं।


 
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें