Pitru Paksha 2025
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भूलों के लिए क्षमा
सूर्योदय के समय स्नान करके एक लोटा जल पीपल पर चढ़ाएं, एक दीपक श्रद्धांजलि करके प्रार्थनापूर्वक नमस्कार कर पितरों से अपनी भूलों के लिए क्षमा मांगें।
कैसा हो आसन
रेशमी, कंबल, ऊन, लकड़ी, तृण, पर्ण, कुश आदि के आसन श्रेष्ठ हैं। चिता पर बिछाए हुए, रास्ते में पड़े, पितृ-तर्पण एवं यज्ञ में उपयोग किए बिछौने, गंदगी और आसन में से निकाले हुए, पिडों के नीचे रखे तथा अपवित्र कुश निषिद्ध माने गए हैं। इसका आप विशेष रूप से ध्यान रखें।