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लड्डू गोपाल श्रृंगार: जन्माष्टमी की रात ऐसे करें लड्डू गोपाल का श्रृंगार, जानें अभिषेक से पूजा तक की पूरी विधि

Thu, 03 Sep 2026 05:52 PM IST
मेघा कुमारी धर्म डेस्क, अमर उजाला

सार

Janmashtami Laddu Gopal Shringar Vidhi In Hindi: जन्माष्टमी के खास अवसर पर देशभर के मंदिरों के साथ-साथ घरों में भी लड्डू गोपाल का विशेष पूजन किया जाता है। इस दौरान भक्त प्रभु की पूजा करते हुए उनका नए वस्त्र पहनाकर सुंदर श्रृंगार करते हैं।  
 
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krishna janmashtami 2026 - फोटो : अमर उजाला
Janmashtami Laddu Gopal Shringar Vidhi In Hindi: कृष्ण जन्माष्टमी के शुभ अवसर पर भगवान श्रीकृष्ण की पूजा मध्यरात्रि में करने का विधान है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, भगवान श्रीकृष्ण का जन्म भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को रोहिणी नक्षत्र में मध्यरात्रि के समय हुआ था। यही वजह है कि, जन्माष्टमी की रात 12 बजे के आसपास कान्हा जी की विशेष पूजा-अर्चना की जाती हैं। भक्त इस समय को भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का शुभ समय मानकर उनका जन्मोत्सव मनाते हैं। वहीं, जन्माष्टमी के खास अवसर पर देशभर के मंदिरों के साथ-साथ घरों में भी लड्डू गोपाल का विशेष पूजन किया जाता है। भक्त कान्हा जी का पंचामृत और गंगाजल से अभिषेक करते हैं, उन्हें नए वस्त्र पहनाकर सुंदर श्रृंगार करते हैं।  लेकिन क्या आप जानते हैं कि, जन्माष्टमी की मध्यरात्रि में लड्डू गोपाल का अभिषेक और श्रृंगार किस तरह करना चाहिए? आइए जानते हैं इसकी पूरी विधि।

 
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krishna janmashtami 2026 - फोटो : amar ujala
क्या है लड्डू गोपाल के श्रृंगार और पूजा की विधि ?
  • मध्यरात्रि की पूजा से पहले पूजा स्थल को अच्छी तरह साफ कर लें। 
  • अब कान्हा जी का पंचामृत से अभिषेक करें और फिर गंगाजल से स्नान कराएं।
  • अभिषेक के बाद लड्डू गोपाल को किसी साफ और मुलायम कपड़े से धीरे से पोंछें। 
  • लड्डू गोपाल जी को पोशाक पहनाएं और उन्हें मुकुट, मोरपंख, कुंडल, काजल, इत्र, माला और पायल आदि पहनाएं। 
  • इसके अलावा चंदन या तिलक लगाएं और उन्हें फूलों से सजाएं।
  • लड्डू गोपाल को सुंदर झूले में विराजमान करें और धीरे-धीरे झूला झुलाते हुए जन्मोत्सव के गीत और भजन गा सकते हैं।
  • अब आप कान्हा जी को माखन-मिश्री का भोग जरूर लगाएं। 
  • भोग लगाने के बाद भगवान श्रीकृष्ण की विधि-विधान से आरती करें। 
  • आरती के बाद परिवार के सभी सदस्य भगवान से सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना करें।
 

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krishna janmashtami 2026 - फोटो : amar ujala

4 सितंबर 2026 का शुभ चौघड़िया

  • शुभ: सुबह 6:00 बजे से 7:35 बजे तक
  • रोग: सुबह 7:35 बजे से 9:10 बजे तक
  • उद्वेग: सुबह 9:10 बजे से 10:45 बजे तक
  • चर: सुबह 10:45 बजे से दोपहर 12:20 बजे तक
  • लाभ: दोपहर 12:20 बजे से 1:55 बजे तक
  • अमृत: दोपहर 1:55 बजे से 3:30 बजे तक
  • काल: दोपहर 3:30 बजे से शाम 5:05 बजे तक
  • शुभ: शाम 5:05 बजे से 6:40 बजे तक
 

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krishna janmashtami 2026 - फोटो : amar ujala
जन्माष्टमी पूजा का शुभ मुहूर्त
  • निशीथ काल: रात 11:57 बजे से 12:43 बजे तक
  • अभिजीत मुहूर्त: रात 11:56 बजे से 12:44 बजे तक
  • अमृत काल: रात 8:03 बजे से 9:33 बजे तक
  • जन्माष्टमी पर मध्यरात्रि पूजा: रात 12 बजे के आसपास
 

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डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।   

 

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