जन्माष्टमी का त्योहार भादप्रद महीने की अष्टमी तिथि के दिन मनाया जाता है, इस दिन भगवान श्रीकृष्ण ने जन्म लिया था। भगवान श्री कृष्ण का जन्म का भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी को मध्यरात्रि को हुआ था। कृष्ण जी ने रोहिणी नक्षत्र में जन्म लिया था। इसीलिए अगर अष्टमी तिथि के दिन रोहिणी नक्षत्र होता है, तो यह एक बहुत ही शुभ और विशेष संयोग माना जाता है। इस बार जन्माष्टमी का पर्व 12 अगस्त बुधवार के दिन मनाया जाएगा। इस बार जन्माष्टमी के दिन अष्टमी की तिथि और कृतिका नक्षत्र है। जानिए क्या है जन्माष्टमी व्रत का महत्व और पूजा करने का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि..
जन्माष्टमी पर कराएं वृन्दावन के बिहारी जी का सामूहिक महाभिषेक एवं 56 भोग, होंगी समस्त कामनाएं पूर्ण - 12 अगस्त 2020