फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Indira Ekadashi 2023: इंदिरा एकादशी आज, जानें तिथि, मुहूर्त और इसका महत्व

Tue, 10 Oct 2023 10:53 AM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 6
Indira Ekadashi 2023 - फोटो : amar ujala
 Indira Ekadashi Puja Muhurat in Hindi:  एकादशी का अपना धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व है। इस शुभ दिन पर, भगवान विष्णु की पूजा बहुत भक्ति और समर्पण के साथ की जाती है। इंदिरा एकादशी पितृपक्ष में पड़ने वाली वह एकादशी है जिसका व्रत करने से आपके लिए मोक्ष के द्वार खुलते हैं। इंदिरा एकादशी के दिन श्रद्धापूर्वक व्रत करने और पूजा करने से आपके पितरों को भी मुक्ति मिलती है। उनकी आत्मा को शांति मिलती है। प्रत्येक सनातनी को अपने पितरों की मुक्ति हेतु इस एकादशी का व्रत जरूर करना चाहिए। इस एकादशी को श्राद्ध एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को इंदिरा एकादशी व्रत रखा जाने वाला है। आइए जानते हैं इंदिरा एकादशी की तिथि, शुभ मुहूर्त , पूजा विधि  और महत्व के बारे में। 

Pitru Paksha 2023:आम नहीं होती श्राद्ध भोजन की थाली, जानें श्राद्ध में भोजन परोसने की सही विधि
Ahoi Ashtami 2023:अहोई अष्टमी व्रत कब ? जानें तिथि, मुहूर्त और इसका खास महत्व
विज्ञापन

2 of 6
Indira Ekadashi 2023 - फोटो : iStock
इंदिरा एकादशी का शुभ मुहूर्त 
एकादशी तिथि आरम्भ: 9 अक्टूबर 2023,दोपहर 12:36 मिनट पर 
एकादशी तिथि समाप्त: 10 अक्टूबर 2023, सायं 03:08 मिनट पर 
उदया तिथि की मान्यता के आधार पर इंदिरा एकादशी का व्रत 10 अक्टूबर, मंगलवार को रखा जाएगा। व्रत का पारण 11   अक्टूबर को किया जाएगा। 
व्रत के पारण का शुभ मुहूर्त: 11 अक्टूबर, प्रातः 06: 19 मिनट से प्रातः 08:38 मिनट तक 
एकादशी का व्रत करने के बाद व्रतियों को अनाज, फल और सामर्थ्य के अनुसार धन राशि का दान किसी जरूरतमंद ब्राह्मण को करना चाहिए।
विज्ञापन

3 of 6
Indira Ekadashi 2023 - फोटो : Social media
इंदिरा एकादशी का महत्व 
इंदिरा एकादशी को लेकर ऐसा माना जाता है जो भी इस एकादशी का व्रत करता है उससे भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं और साथ ही उसे पूर्वजों का भरपूर आशीर्वाद भी मिलता है। शास्त्रों में इंदिरा एकादशी को लेकर ऐसा बताया गया है कि यदि आप इंदिरा एकादशी का व्रत करके उसका पुण्य पितरों को दान करते हैं तो आपके वे पूर्वज जिन्हें किन्हीं कारणों से मुक्ति नहीं मिल पाई है। उनकी आत्मा को शांति मिलती है। इसके साथ ही यह भी बताया गया है कि व्रत करने वाले को नरक नहीं जाना पड़ता और पितृ दोष से भी मुक्ति मिलती है।

4 of 6
Indira Ekadashi 2023 - फोटो : iStock
इंदिरा एकादशी का व्रत कैसे करें 
इंदिरा एकादशी का व्रत पितृपक्ष के दौरान पड़ता है इसलिए व्रतियों को श्राद्ध के भी कुछ नियमों का पालन करने की बात शास्त्रों में कही गई है।
  • दशमी तिथि को सूर्यास्त के बाद भोजन नहीं करना चाहिए और दशमी तिथि के दिन पवित्रता का पालन करना चाहिए। 
  • उसके बाद अगले दिन एकादशी तिथि में सुबह जल्दी स्नान करके व्रत का संकल्प लें। 
  • श्राद्ध तर्पण करें और भगवान विष्णु की पूजा उपासना करें । 
  • उनको सात्विक भोजन फल, दूध, मेवा, तुलसी दल इत्यादि का भोग लगाएं। 
  • उसके उपरांत भगवान के भोग का थोड़ा सा प्रसाद गाय को खिलाएं, फिर ब्राह्मणों को भोजन करवाएं। 
  • उसके बाद अगले दिन द्वादशी तिथि में दान- दक्षिणा देने के बाद ही व्रत का पारण करें।
विज्ञापन

5 of 6
Indira Ekadashi 2023 - फोटो : iStock
इंदिरा एकादशी के दिन क्या करें 
  • एकादशी व्रत के दिन अपने पितरों की मुक्ति हेतु भगवान के समक्ष दीपक जलाकर गीता का पठन या श्रवण करें। 
  • यदि संपूर्ण गीता का पठन संभव नहीं तो कम से कम सातवें अध्याय का पठन/श्रवन जरूर करें। 
  • भगवान से अपने पितरों की मुक्ति की प्रार्थना करें। 
  • संध्या के समय एक घी का दीपक तुलसी मैया के जरूर जलाएं और वहां भी अपने पितरों की मुक्ति की प्रार्थना करें। 
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
Indira Ekadashi 2023
इंदिरा एकादशी पर करें भगवान विष्णु के मंत्र का जाप 
  • ॐ भूरिदा भूरि देहिनो, मा दभ्रं भूर्या भर। भूरि घेदिन्द्र दित्ससि। ओम भूरिदा त्यसि श्रुत: पुरूत्रा शूर वृत्रहन्। आ नो भजस्व राधसि।
  • शांताकारं भुजगशयनं पद्मनाभं सुरेशं, विश्वाधारं गगनसदृशं मेघवर्ण शुभाङ्गम्। लक्ष्मीकांतं कमलनयनं योगिभिर्ध्यानगम्यम्, वन्दे विष्णुं भवभयहरं सर्वलोकैकनाथम्॥
  • ॐ  नमो भगवते वासुदेवाय
  • हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे, हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे।।
  • ॐ नमो नारायण। श्री मन नारायण नारायण हरि हरि।
  • ॐ नारायणाय विद्महे वासुदेवाय धीमहि तन्नो विष्णु प्रचोदयात
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें