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Chaitra Navratri 2021 Date: कब से शुरू होंगे चैत्र नवरात्रि व्रत, जानें तिथि, घटस्थापना मुहूर्त और व्रत विधि

Sat, 03 Apr 2021 08:22 AM IST
रुस्तम राणा धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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चैत्र नवरात्रि 2021 - फोटो : अमर उजाला
Chaitra Navratri 2021: चैत्र नवरात्रि का पावन त्योहार शुरू होने वाला है। यह हिन्दू धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक है जिसमें मां आदिशक्ति की उपासना की जाती है। मां के भक्त चैत्र नवरात्रि में उनके नौ अलग-अलग रूपों की आराधना व्रत रखकर करते हैं। आइए जानते हैं चैत्र नवरात्रि कब से शुरू हो रही है, घटस्थापना का मुहूर्त क्या रहने वाला है और हिन्दू धर्म में इस पर्व का क्या महत्व है। 
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चैत्र नवरात्रि 2021 - फोटो : social media
चैत्र नवरात्रि व्रत कब से शुरू होंगे?
चैत्र नवरात्रि का पर्व प्रतिवर्ष चैत्र शुक्ल प्रतिपदा तिथि से प्रारंभ होकर नवमी तिथि तक चलता है। इस वर्ष चैत्र शुक्ल प्रतिपदा तिथि 13 अप्रैल को पड़ रही है। इसलिए नवरात्रि पर्व 13 अप्रैल से प्रारंभ होगा जो 22 अप्रैल 2021 को समाप्त होगा। नवरात्रि व्रत पारण के साथ ही इस पर्व का समापन होता है। 
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चैत्र नवरात्रि 2021 - फोटो : सोशल मीडिया
चैत्र नवरात्रि घटस्थापना मुहूर्त
शुभ मुहूर्त- 13 अप्रैल को सुबह 05 बजकर 28 मिनट से सुबह 10 बजकर 14 मिनट तक
शुभ मुहूर्त की अवधि- 04 घंटे 15 मिनट

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चैत्र नवरात्रि 2021 - फोटो : SELF
चैत्र नवरात्रि  2021 तिथियां
 
नवरात्रि तारीख माता
नवरात्रि का पहला दिन 13 अप्रैल 2021  शैलपुत्री
नवरात्रि का दूसरा दिन 14 अप्रैल 2021 ब्रह्मचारिणी
नवरात्रि का तीसरा दिन 15 अप्रैल 2021 चंद्रघंटा
नवरात्रि का चौथा दिन 16 अप्रैल 2021 कूष्मांडा
नवरात्रि का पांचवां दिन 17 अप्रैल 2021 स्कंदमाता
नवरात्रि का छठा दिन 18 अप्रैल 2021 कात्यायनी
नवरात्रि का सातवां दिन 19 अप्रैल 2021 कालरात्रि
नवरात्रि का आठवां दिन 20 अप्रैल 2021 महागौरी
नवरात्रि का नौवां दिन 21 अप्रैल 2021 सिद्धिदात्री
नवरात्रि का दसवां दिन 22 अप्रैल 2021 व्रत पारण
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चैत्र पूर्णिमा 2021 - फोटो : सोशल मीडिया
घटस्थापना विधि 
सबसे पहले एक पात्र लें। उस पात्र में मिट्टी बिछाएं। फिर पात्र में रखी मिट्टी पर जौ के बीज डालकर उसके ऊपर पुनः मिट्टी डालें। अब इसमें थोड़े-से पानी का छिड़काव करें। अब एक कलश लें। इस पर स्वास्तिक बनाएं और फिर कलावा बांधें। इसके बाद कलश को गंगाजल और शुद्ध जल से भरें। इसमें साबुत सुपारी, फूल और दूर्वा डालें। साथ ही इत्र, पंचरत्न और सिक्का भी डालें। इसके मुंह के चारों ओर आम के पत्ते लगाएं। कलश के ढक्कन पर चावल डालें। देवी का ध्यान करते हुए कलश का ढक्कन लगाएं। अब एक नारियल लेकर उस पर कलावा बांधें। कुमकुम से नारियल पर तिलक लगाकर नारियल को कलश के ऊपर रखें। नारियल को पूर्व दिशा में रखें।
 
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चैत्र नवरात्रि 2021 - फोटो : अमर उजाला
चैत्र नवरात्रि का महत्व
हिन्दू धर्म में चैत्र नवरात्रि का बड़ा महत्व है। मनोवांछित फल की प्राप्ति के लिए चैत्र नवरात्रि में माता के नौ रूपों की आराधना की जाती है। उनके लिए व्रत रखा जाता है। चैत्र नवरात्रि चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से प्रारंभ हो जाती है। इस दिन से हिन्दू नव वर्ष भी प्रारंभ होता है। मान्यता है कि इसी तिथि को ही सृष्टि की रचना हुई थी। इसके अलावा नवरात्रि की नवमी तिथि भी बेहद महत्वपूर्ण होती है। कहते हैं त्रेतायुग में इसी दिन भगवान श्रीराम का जन्म हुआ था। उन्होंने समस्त संसार को मर्यादा में रहकर अपने दायित्वों का निर्वहन कैसे करना है इसका पाठ पढ़ाया था। धार्मिक पक्ष के अलावा देखें तो नवरात्रि का यह पावन पर्व नारीशक्ति का भी प्रतीक है। 
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