फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ganesh Chaturthi 2025: गणेश चतुर्थी पर पूजा के लिए मिलेगा इतना समय, यहां जानें शुभ मुहूर्त और पूजन विधि

Sat, 23 Aug 2025 10:52 AM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Ganesh Chaturthi 2025: भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी को प्रभु श्रीगणेश का पृथ्वी पर अवतरण हुआ था। इस पावन तिथि को हम गणेश चतुर्थी के रूप में मनाते हैं, एक ऐसा पर्व जो केवल उत्सव नहीं, अपितु श्रद्धा, भक्ति और संस्कारों का जीवंत स्वरूप है।
विज्ञापन
1 of 5
Ganesh Chaturthi 2025 - फोटो : amarujala
Ganesh Chaturthi 2025 Puja Muhurat: सनातन धर्म की परंपराओं में श्रीगणेश जी का स्थान सर्वोपरि है। वे विघ्नों को हरने वाले, शुभता के दाता, और सभी कार्यों की प्रथम वंदनीय देवता हैं। भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी को प्रभु श्रीगणेश का पृथ्वी पर अवतरण हुआ था। इस पावन तिथि को हम गणेश चतुर्थी के रूप में मनाते हैं, एक ऐसा पर्व जो केवल उत्सव नहीं, अपितु श्रद्धा, भक्ति और संस्कारों का जीवंत स्वरूप है। इस दिन भक्तजन श्रीगणेश को अपने घर-आंगन में सादर आमंत्रित करते हैं और पूरी श्रद्धा से उनकी पूजा-अर्चना करते हैं।
Budhaditya Yog 2025: सूर्य-बुध बनाएंगे बुधादित्य योग, इन राशि वालों का बढ़ेगा मान सम्मान
गणेश चतुर्थी से अनंत चतुर्दशी तक के ये दस दिन आध्यात्मिक चेतना और पुण्य संचय का विशेष अवसर होते हैं। भक्तजन विधिपूर्वक व्रत रखते हैं, गजानन की स्तुति करते हैं, और घर में मंगलमूर्ति की उपस्थिति से वातावरण को दिव्यता से भर देते हैं। श्रीगणेश की आराधना से जीवन के समस्त विघ्न दूर होते हैं और बुद्धि, विवेक तथा समृद्धि की प्राप्ति होती है। यह पर्व, भक्त और भगवान के मध्य आत्मिक संबंध को प्रगाढ़ करने का एक अद्वितीय माध्यम है।
Ganesh Chaturthi 2025: गणेश चतुर्थी पर ग्रहों का विशेष संयोग, इन राशि वालों का शुरू होगा गोल्डन टाइम
विज्ञापन

2 of 5
Ganesh Chaturthi - फोटो : Adobe stock
कब है गणेश चतुर्थी 2025?
इस साल गणेश चतुर्थी 27 अगस्त 2025, बुधवार के दिन मनाई जाएगी। पंचांग के अनुसार, इस दिन गणेश स्थापना और मध्यान्ह पूजन का शुभ मुहूर्त सुबह 11:05 बजे से दोपहर 01:40 बजे तक रहेगा। यानी गणेश जी की स्थापना और पूजा के लिए आपको लगभग ढाई घंटे का समय मिलेगा। चूंकि गणेश जी का जन्म दोपहर के समय माना गया है, इसलिए इस समय उनकी पूजा करना विशेष फलदायक होता है।
विज्ञापन

3 of 5
Ganesh Chaturthi - फोटो : freepik
कैसे करें गणपति की स्थापना और पूजा?
  • प्रातःकाल स्नान के बाद सबसे पहले व्रत और पूजा का संकल्प लें।
  • घर के ईशान कोण (उत्तर-पूर्व दिशा) में एक चौकी पर पीला कपड़ा बिछाएं।
  • गणेश जी की मूर्ति को स्थापित करें, उन पर गंगाजल छिड़कें और उनका अभिषेक करें।
  • गणपति को सिंदूर, दूर्वा (21 पत्तियाँ), लाल फूल, मोदक, लड्डू, नारियल, गन्ना, फल और नैवेद्य अर्पित करें।
  • गणेश चालीसा, अथर्वशीर्ष या फिर गणपति स्तोत्र का पाठ करें।
  • पूजा के अंत में घंटा, शंख और मंजीरे के साथ गणेश जी की आरती करें।
  • यह पूजा प्रक्रिया सायंकाल के समय भी दोहराई जाती है, ताकि दिन भर गणेशजी की उपासना बनी रहे। पूजा के बाद किसी ब्राह्मण को भोजन और दान देकर फिर स्वयं भोजन ग्रहण करें।

4 of 5
Ganesh Chaturthi - फोटो : freepik
गणेश चतुर्थी का महत्व
हिंदू धार्मिक मान्यता के अनुसार, भगवान गणेश का जन्म भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी के दिन दोपहर के समय हुआ था, इसीलिए इस तिथि और समय को अत्यंत शुभ माना जाता है। वे प्रथम पूज्य, बुद्धि के दाता और विघ्नों को हरने वाले देवता हैं। कोई भी धार्मिक कार्य, विवाह, यात्रा या नया कार्य बिना गणपति पूजन के शुरू नहीं किया जाता। इस दिन का भक्तों को सालभर इंतज़ार रहता है क्योंकि यह दिन उनके लिए उत्सव, भक्ति और आनंद से भरा होता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
गणपति विसर्जन कब होगा? - फोटो : PTI
गणपति विसर्जन कब होगा?
गणेश चतुर्थी की पूजा एक दिन की भी हो सकती है और दस दिनों तक भी चलती है। अधिकांश लोग एक दिन, तीन दिन, पाँच दिन या दस दिन तक गणेशजी की पूजा करते हैं। पूजा का समापन गणपति विसर्जन के साथ होता है, जो अनंत चतुर्दशी के दिन होता है।
इस साल गणपति विसर्जन 6 सितंबर 2025 (शनिवार) को होगा। इस दिन भक्तजन ढोल-नगाड़ों और भक्ति गीतों के साथ बप्पा को विदाई देते हैं। मान्यता है कि इस दिन गणेशजी सभी भक्तों की मनोकामनाएं पूरी कर उन्हें सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देकर जाते हैं।


डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें