History Of Dhanteras: दिवाली हिंदू धर्म के सबसे प्रमुख त्योहारों में से एक है। इस दिन घर और आस-पास की जगहों को दीपों से रोशन किया जाता है। दिवाली एक उत्सव की तरह मनाया जाता है, जो धनतेरस से लेकर भाई दूज तक चलता है। पांच दिन का ये पर्व बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। हिंदू धर्म में इन सभी दिनों का विशेष महत्व है। साथ ही इससे जुड़ी कई मान्यताएं भी हैं। इस साल 10 नवंबर 2023 को धनतेरस का त्योहार मनाया जाएगा। इस खास दिन पर लोग सोना, चांदी व बर्तन की खरीदारी करते हैं। ऐसी मान्यता है कि, धनतेरस के दिन आप जो भी सामान खरीदेंगे उसके दोगुना वृद्धि होने की संभावना होती है।
कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को धनतेरस का त्योहार मनाया जाता है। शास्त्रों के अनुसार, इस दिन भगवान धन्वंतरि का जन्म हुआ था। इसलिए इसे धनतेरस के त्योहार के रूप में मनाया जाता है। इस दिन माता लक्ष्मी, कुबेर और गणेश जी की पूजा करनी चाहिए। मान्यता है कि ऐसा करने से देवता प्रसन्न होते हैं। साथ ही घर में धन, वैभव और सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है। इसी कड़ी में आइए जानते हैं कि, धनतेरस को क्यों मनाया जाता हैं, इस दिन किसकी पूजा की जाती है, सभी के बारे में विस्तार से जानते हैं।