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Devshayani Ekadashi 2023: देवशयनी एकादशी व्रत आज, भगवान विष्णु की कृपा पाने के लिए करें ये काम

Thu, 29 Jun 2023 10:09 AM IST
आशिकी पटेल धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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देवशयनी एकादशी व्रत आज, भगवान विष्णु की कृपा पाने के लिए करें ये काम - फोटो : अमर उजाला
Devshayani Ekadashi 2023: आज यानी 29 जून 2023 को देवशयनी एकादशी है। पंचांग के अनुसार आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी को देवशयनी या हरिशयनी एकादशी कहते हैं। देवशयनी एकादशी व्रत सभी मनोकामनाओं को पूरा करने वाला माना गया है। इस दिन किए गए पूजन व दान-पुण्य से अक्षय पुण्य की प्रप्ति होती है। देवशयनी एकादशी के दिन से ही श्रीहरि विष्णु का निद्राकाल शुरू हो जाता ही। भगवान विष्णु के निद्राकाल से ही चातुर्मास भी लग जाता है। इस दौरान सारे शुभ और मांगलिक कार्य वर्जित रहते हैं। चार माह की निद्रा के बाद कार्तिक मास में शुक्ल पक्ष की एकादशी को भगवान विष्णु उठते हैं। इस एकादशी को देवउठनी एकादशी कहा जाता है। इस दिन विधि-विधान से भगवान विष्णु की पूजा करनी चाहिए। व्रत और पूजा के अलावा एकादशी की आरती करने से पूजा और व्रत का अधिक फल प्राप्त होता है। एकादशी की आरती इस प्रकार है-

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देवशयनी एकादशी व्रत आज, भगवान विष्णु की कृपा पाने के लिए करें ये काम - फोटो : अमर उजाला
देवशयनी एकादशी आरती 

ॐ जय एकादशी, जय एकादशी, जय एकादशी माता ।
विष्णु पूजा व्रत को धारण कर, शक्ति मुक्ति पाता ।। ॐ।।

तेरे नाम गिनाऊं देवी, भक्ति प्रदान करनी ।
गण गौरव की देनी माता, शास्त्रों में वरनी ।।ॐ।।

मार्गशीर्ष के कृष्णपक्ष की उत्पन्ना, विश्वतारनी जन्मी।
शुक्ल पक्ष में हुई मोक्षदा, मुक्तिदाता बन आई।। ॐ।।

पौष के कृष्णपक्ष की, सफला नामक है,
शुक्लपक्ष में होय पुत्रदा, आनन्द अधिक रहै ।। ॐ ।।

नाम षटतिला माघ मास में, कृष्णपक्ष आवै।
शुक्लपक्ष में जया, कहावै, विजय सदा पावै ।। ॐ ।।

विजया फागुन कृष्णपक्ष में शुक्ला आमलकी,
पापमोचनी कृष्ण पक्ष में, चैत्र महाबलि की ।। ॐ ।।

चैत्र शुक्ल में नाम कामदा, धन देने वाली,
नाम बरुथिनी कृष्णपक्ष में, वैसाख माह वाली ।। ॐ ।।

शुक्ल पक्ष में होय मोहिनी अपरा ज्येष्ठ कृष्णपक्षी,
नाम निर्जला सब सुख करनी, शुक्लपक्ष रखी।। ॐ ।।

योगिनी नाम आषाढ में जानों, कृष्णपक्ष करनी।
देवशयनी नाम कहायो, शुक्लपक्ष धरनी ।। ॐ ।।

कामिका श्रावण मास में आवै, कृष्णपक्ष कहिए।
श्रावण शुक्ला होय पवित्रा आनन्द से रहिए।। ॐ ।।

अजा भाद्रपद कृष्णपक्ष की, परिवर्तिनी शुक्ला।
इन्द्रा आश्चिन कृष्णपक्ष में, व्रत से भवसागर निकला।। ॐ ।।

पापांकुशा है शुक्ल पक्ष में, आप हरनहारी।
रमा मास कार्तिक में आवै, सुखदायक भारी ।। ॐ ।।

देवोत्थानी शुक्लपक्ष की, दुखनाशक मैया।
पावन मास में करूं विनती पार करो नैया ।। ॐ ।।
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देवशयनी एकादशी व्रत आज, भगवान विष्णु की कृपा पाने के लिए करें ये काम - फोटो : अमर उजाला
मंत्र 

देवशयनी एकादशी विष्णु क्षमा मंत्र

भक्तस्तुतो भक्तपर: कीर्तिद: कीर्तिवर्धन:।
कीर्तिर्दीप्ति: क्षमाकान्तिर्भक्तश्चैव दया परा।।
 

 

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देवशयनी एकादशी व्रत आज, भगवान विष्णु की कृपा पाने के लिए करें ये काम - फोटो : istock
देवशयनी एकादशी संकल्प मंत्र

सत्यस्थ: सत्यसंकल्प: सत्यवित् सत्यदस्तथा।
धर्मो धर्मी च कर्मी च सर्वकर्मविवर्जित:।।
कर्मकर्ता च कर्मैव क्रिया कार्यं तथैव च।
श्रीपतिर्नृपति: श्रीमान् सर्वस्यपतिरूर्जित:।।
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देवशयनी एकादशी व्रत आज, भगवान विष्णु की कृपा पाने के लिए करें ये काम - फोटो : istock
भगवान विष्णु को प्रसन्न करने का मंत्र

सुप्ते त्वयि जगन्नाथ जगत सुप्तं भवेदिदम।
विबुद्धे त्वयि बुध्येत जगत सर्वं चराचरम।
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देवशयनी एकादशी व्रत आज, भगवान विष्णु की कृपा पाने के लिए करें ये काम - फोटो : iStock
देवशयनी एकादशी व्रत का महत्व
शास्त्रों में देवशयनी बहुत ज्यादा महत्व माना गया है। देवशयनी एकादशी के दिन से भगवान विष्णु योग निद्रा में चले जाते हैं। इसके बाद चार माह के लिए सृष्टि का संचालन शिव जी करते हैं। इन चार माह में विवाह, सगाई, मुंडन आदि जैसे मांगलिक कार्य नहीं होते हैं। मान्यता है कि इस समय पर किए गए सभी जप, तप, व्रत आदि से मनोवांछित फलों की प्राप्ति होती है। 
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