Pradosh Vrat 2025: आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर शिव भक्त श्रद्धाभाव से प्रदोष व्रत रखते है। इस दिन विशेष रूप से भगवान शिव और उनके पूरे परिवार की पूजा-आराधना की जाती है। इस दौरान शिवभक्त विधि-विधान से शिवलिंग पर जलाभिषेक और प्रभु के समक्ष बेलपत्र चढ़ाते हैं। चूंकि इस दिन दान-पुण्य और धार्मिक कार्यों का विशेष महत्व है, इसलिए आमतौर पर वस्त्र, धन, भोजन और सफेद चीजों का दान किया जाता है।
शास्त्रों में प्रदोष व्रत की महिमा का विस्तृत वर्णन मिलता है। कहा गया है कि यह व्रत करने से भगवान शिव अत्यंत प्रसन्न होते हैं और साधक को सुख-समृद्धि, शांति और कल्याण का आशीर्वाद प्रदान करते हैं। अब चूंकि यह व्रत पितृ पक्ष में रखा जा रहा है, इसलिए इस दिन शिव जी के साथ-साथ कुछ अन्य खास मंत्रों का जाप करने से पूर्वजों का आशीर्वाद भी मिलता है। आइए इसके बारे में जानते हैं।