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इस मंदिर में महिला श्रद्धालु को प्रवेश करने से रोका, ये है यहां की मान्यता

Fri, 20 Jul 2018 12:56 PM IST
प्रवीण कुमार, अमर उजाला, हमीरपुर
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उत्तर भारत के प्रसिद्ध सिद्धपीठ बाबा बालक नाथ मंदिर में पवित्र गुफा में महिला श्रद्धालु को जाने से रोकने का मामला सामने आया है। आरोप है कि सिक्योरिटी गार्ड और एक पुजारी ने महिला को गुफा में जाने से रोक दिया और मंदिर के पास बने एक चबूतरे से दर्शन करने को कहा। महिला श्रद्धालु ने इसकी शिकायत मंदिर अधिकारी से की, जिसके एक घंटे बाद उन्हें गुफा में जाने की अनुमति दी गई।
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लोगों की ऐसी मान्यता है कि बाबा बालक नाथ ब्रह्मचारी थे और उनकी मूर्ति भी बालक रूप में ही स्थापित है। ऐसे में महिलाएं चबूतरे से ही उनके दर्शन कर सकती हैं। यह भी कहा जाता है कि कई वर्ष पहले एक महिला पवित्र गुफा में जाने की कोशिश कर रही थी कि इसी दौरान वो साढ़ियों से नीचे आ गिरी थी।
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मंदिर आयुक्त एवं जिलाधीश हमीरपुर डॉ. रिचा वर्मा ने इस मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। महिला श्रद्धालु ज्योत्सना शर्मा पेशे से अकाउंटेंट एवं टैक्स कंसलटेंट हैं और हमीरपुर की रहने वाली हैं। ज्योत्सना के मुताबिक वह बीते बुधवार को दोपहर 12 बजे मंदिर पहुंची।

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इस दौरान मंदिर के सिक्योरिटी गार्ड और एक पुजारी ने उन्हें रोक दिया और कहा कि चबूतरा में जाओ, जहां से महिलाएं गुफा के दर्शन करती हैं। इस पर उन्होंने फोन से मंदिर अधिकारी से शिकायत की। 
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उन्हें मंदिर अधिकारी के कार्यालय में बैठाया गया और एक घंटे बाद गुफा में जाने की अनुमति दी गई। ज्योत्सना का कहना है कि वह दो वर्ष पूर्व भी पवित्र गुफा के दर्शन कर चुकी हैं।
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उल्लेखनीय है कि बीते वर्ष भी एक महिला विज्ञान अध्यापक अपनी बेटी के साथ बाबा बालक नाथ मंदिर में पूजा के लिए पहुंची थीं, उस दौरान भी काफी विवाद हुआ था। स्थानीय लोगों ने इसके विरोध में प्रदर्शन किए थे और मंदिर प्रशासन को ज्ञापन भेजे थे।
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एक दिन पहले केरल के सबरीमाला मंदिर और पिछले साल महाराष्ट्र के शनि शिंगणापुर मंदिर में महिलाओं के प्रवेश को लेकर सुप्रीम कोर्ट तल्ख टिप्पणी कर स्थिति साफ चुका है। संविधान के अनुच्छेद 25 के तहत सब लोग किसी धर्म के पालन या प्रसार के लिए स्वतंत्र हैं। मंदिरों में पूजा करना महिलाओं का संवैधानिक अधिकार है।
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मंदिर आयुक्त एवं जिलाधीश हमीरपुर डॉ. रिचा वर्मा
बाबा बालक नाथ मंदिर में हर साल लाखों श्रद्धालु आते हैं। पवित्र गुफा तक सिर्फ पुरुष श्रद्धालु ही जाते हैं। पहाड़ी में बनी बाबा की पवित्र गुफा तक पहुंचने के लिए सीढि़यां हैं। महिलाओं के लिए गुफा के सामने एक चबूतरा बनाया गया है। यहां चबूतरे से खड़ा होकर ही महिलाएं दर्शन करती हैं। मंदिर आयुक्त एवं जिलाधीश हमीरपुर डॉ. रिचा वर्मा ने कहा कि महिला श्रद्धालु को पवित्र गुफा में जाने से रोकने का मामला ध्यान में आया है। इस मामले की जांच की जाएगी और दोषी स्टाफ पर कार्रवाई की जाएगी।
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