हिमाचल प्रदेश की सियासत के सितारे पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह का जनजातीय क्षेत्र पांगी से गहरा नाता रहा है। वे अक्सर पांगी के लोगों से रोहड़ू में एक मकान और दूसरा पांगी में होने की बात किया करते थे। 4 अगस्त 1984 को वीरभद्र सिंह देश की प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को पांगी लाए और यहां की स्थितियों से अवगत कराया। इंदिरा गांधी हेलीकॉप्टर के जरिये कश्मीर से पांगी और बाद में लाहौल गई थीं। इसके बाद वीरभद्र सिंह ने 15 अप्रैल 1986 को पांगी में रेजिडेंट कमिश्नर को बैठाकर उन्हें ही विशेष सचिव की शक्तियां प्रदान कीं। पहले रेजिडेंट कमिश्नर के तौर पर आईएएस सुभाष नेगी की तैनाती हुई। सेना के हेलीकाप्टर के जरिये पांगी में जीप और डोजर पहुंचा कर सड़क का कार्य आरंभ हो पाया। करीबन दो माह बाद 28 किमी सड़क किलाड़ से वृद्धांवन के लिए बनी। इस दौरान पांगी में पहली जीप का इस्तेमाल किलाड़ अस्पताल से हेलीपैड तक मरीजों को लाने के लिए किया जाने लगा।