शिकारी माता का यह मंदिर ग्यारह हजार फीट ऊंचाई पर स्थित एक पहाड़ी पर है। इस पहाड़ी पर स्थित मंदिर से शिमला, कांगड़ा, कुल्लू, लाहौल-स्पिति की पर्वत मालाएं नजर आती हैं। रास्ते में एकांत वातावरण और देवदार के जंगल मन को बरबस मोह लेते हैं। इस स्थान पर मई से सितंबर के बीच जाना उचित नहीं रहता है क्योंकि इन महीनों यह क्षेत्र बर्फ से ढका रहता है।