पैरालंपिक में सिल्वर मेडल जीतने वाले निषाद का परिवार गरीबी से भी जूझ रहा है। प्रशिक्षण के दौरान बेटे को खुराक की कमी न हो, इसके लिए पिता ने पैसे कमाने के लिए खेतों में सब्जियां उगानी शुरू कर दीं। माता ने भी मवेशी पालकर गाय-भैंस का दूध बेचने का काम किया। आज उनकी मेहनत का फल मिल गया। रविवार को पैरालंपिक में निषाद के रजत पदक जीतने पर उनके माता-पिता और बहन बेहद खुश हैं। पिता रछपाल सिंह ने कहा कि बेटे की मेहनत और प्रतिभा पर यकीन तो था, लेकिन पैरालंपिक जैसी बड़ी प्रतियोगिता का दबाव भी था। बेटा पैरालंपिक में देश के लिए मेडल जीते, इसके लिए निषाद की माता पुष्पा देवी ने घर में कुछ दिन पूर्व सत्यनारायण कथा करवाई थी।