देवभूमि हिमाचल के जिला चंबा के भलेई माता मंदिर के साथ कई मान्यताएं जुड़ी हुई हैं। जिला मुख्यालय से 35 किलोमीटर दूर भद्रकाली भलेई माता के मंदिर में देश के कोने-कोने से लोग दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
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- फोटो : अमर उजाला
बताया जाता है कि अगर मां प्रसन्न हैं तो मूर्ति के मुख से पसीना निकलना शुरू हो जाता है। इसका मतलब आपकी मुराद पूरी होने का संकेत है। भलेई मंदिर का इतिहास काफी रोचक है।
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कहा जाता है कि भद्रकाली मां भलेई की मूर्ति भ्राण नामक स्थान पर स्वयंभू प्रकट हुई थीं। चंबा के राजा प्रताप सिंह ने मां भलेई के मंदिर का निर्माण करवाया गया। 60 के दशक तक यहां महिलाओं का प्रवेश वर्जित था।
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bhalai mata
- फोटो : अमर उजाला
इसके बाद एक भक्त दुर्गा को मां भलेई ने स्वप्न में दर्शन दिए और आदेश दिया कि सबसे पहले दुर्गा मंदिर में दर्शन करेंगी।
इससे भयभीत होकर चोर चौहड़ा में ही मां भलेई की प्रतिमा को छोड़कर भाग गए। बाद में पूर्ण विधि विधान के साथ मां की दो फीट ऊंची काले रंग की प्रतिमा को मंदिर में स्थापित किया गया।