ऑस्ट्रेलिया को हराने में टीम इंडिया को बड़ा मजा आता है। भारत ने टेस्ट में यदि किसी को सबसे ज्यादा हराया है तो वह ऑस्ट्रेलिया ही है। टीम इंडिया की ऑस्ट्रेलिया पर यह 26वीं जीत थी। ऑस्ट्रेलिया भारत में कभी भी बॉर्डर-गावस्कर टेस्ट सीरिज नहीं जीत पाया। धर्मशाला में पहली बार कोई टेस्ट मैच हुआ और भारत ने उसमें शानदार जीत हासिल की।
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धर्मशाला में जीत के साथ ही टीम इंडिया का एक और खुशखबरी मिली। एक अप्रैल तक मजबूती से नंबर वन रहने वाली भारतीय टीम को एक मिलियन डालर और टेस्ट चेंपियनशिप मेस भी दी गई। लिटिल मास्टर सुनील गावस्कर ने धर्मशाला के दर्शकों के सामने कोहली को यह सम्मान दिया।
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इंडियन क्रिकेट इतिहास में रहाणे ऐसे नौंवे खिलाड़ी बने जिन्होंने अपने पहले ही टेस्ट मैच में कप्तानी कर जीत हासिल की। मगर उनकी कप्तानी में मिली ये जीत बाकी कप्तानों की तुलना में सबसे खास इसलिए रही क्योंकि टीम इंडिया ने इस जीत के बदौलत सीरिज पर भी कब्जा जमा लिया।
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एक सीरिज में बिना कोई शतक लगाए छह अर्धशतक जमाने का रिकॉर्ड बनाने वाले ओपनर केएल राहुल भारत के पहले ऐसे खिलाड़ी हैं। इससे पहले सिर्फ चार ही ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने ये कारनामा किया था। मगर ये सभी विदेशी खिलाड़ी थे। धर्मशाला में लगातार दो अर्धशतक जमाने वाले पहले खिलाड़ी बने।
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कुलदीप यादव भारत के पहले चाइनामैन स्पिनर्स हैं जिन्होंने टेस्ट मैचों में डैब्यू किया। अपने पहले ही मैच में कुलदीप को शानदार चार विकेट मिले। कोहली ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया के पास कुलदीप की गेंदबाजी का कोई तोड़ नही था।
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भारतीय क्रिकेट इतिहास में यह चौथा मौका था जब टीम 0-1 से पिछड़ने के बावजूद सीरिज जीतने में कामयाब रही। आस्ट्रेलिया के खिलाफ तीसरी बार टीम इंडिया ने ये कारनामा किया है।
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धर्मशाला में पहली पारी में अर्धशतक जमाने के बावजूद ऑस्ट्रेलियाई ओपनर डेविड वॉर्नर इस सीरिज में सबसे ज्यादा फ्लॉफ रहे। चार मैचों में उन्होंने सिर्फ 193 रन बनाए। चार मैचों की सीरिज में यह उनका सबसे खराब प्रदर्शन था। पिछली बार जब वह भारत आए थे तब भी उन्होंने चार मैच में सिर्फ 195 रन ही बनाए थे।
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इस लंबे टेस्ट होम सीजन में पहली बार भारत ने 13 टेस्ट खेले जिनमें 10 में जीत हासिल की और सिर्फ एक मैच में हार मिली। दो मैच ड्रा रहे। धर्मशाला में इस सीजन का शानदार अंत हुआ। टीम मजबूती से अब पहले पायदान पर कायम है।
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विराट कोहली को कप्तान बनने के बाद पहली बार किसी मैच से बाहर बैठना पड़ा। चोट के चलते कोहली ये मैच नहीं खेल पाए। इस सीरिज में उनका बल्ला भी खामोश रहा। इस पूरे सीजन में यह पहली सीरिज थी जब कोहली अर्धशतक तक नहीं जमा पाए। पहली बार टीम इंडिया धर्मशाला में कोहली धोनी के बगैर मैदान पर उतरी।
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नाथन लायन ने धर्मशाला में पहली पारी में पांच विकेट लिए। वो भारत के खिलाफ सबसे ज्यादा विकेट (64) लेने वाले दूसरे स्पिन गेंदबाज बन गए। पहले नंबर पर मुरलीधरन(105) है। इस सीरिज में लायन ने ही भारत को सबसे ज्यादा परेशान किया और उन्हें अब भविष्य में टीम इंडिया हल्के में नहीं लेेगी।
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क्रिकेट एक्सपर्ट की मानें तो धर्मशाला इस समय भारत का इकलौता ऐसा मैदान है जहां स्पिनर्स के अलावा तेज गेंदबाजों को भी मदद मिलती है। विदेशी दौरों से पहले टीम इंडिया के लिए प्रैक्टिस करने की ये सबसे उपयुक्त जगह साबित हो सकती है। धर्मशाला पहाड़ी राज्यों में पहला स्टेडियम भी बना है जहां कोई टेस्ट मैच खेला गया।
एचपीसीए के धर्मशाला क्रिकेट स्टेडिय में टेस्ट मैच करवाने का सपना बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष अनुराग ठाकुर ने देखा था। लेकिन, धर्मशाला में टेस्ट मैच स्वयं अनुराग ठाकुर नहीं देख पाए। धर्मशाला स्टेडियम में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेले गए सीरीज के अंतिम एवं निर्णायक मैच में एक दिन भी अनुराग स्टेडियम नहीं आए। हालांकि, इसके पीछे दिल्ली में सत्र की बैठकों को लेकर उनकी व्यस्तता बताई जा रही है।