कांगड़ा घाटी चाय अब उद्यान मालिकों और बेरोजगार लोगों पर पैसे भी बरसाएगी। हिमाचल में छोटे से लेकर बड़े स्तर के चाय उद्योग स्थापित होंगे। इनमें लोग चाय बनाकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने नाम की चाय बेच सकेंगे। टी बोर्ड ऑफ इंडिया ये उद्योग लगाने पर 40 प्रतिशत सब्सिडी देगा। रिपोर्ट: सतीश वालिया
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वाह क्या बात! ये चाय उगाइए और खूब पैसे कमाइए
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60 प्रतिशत राशि स्वयं लगानी होगी। टी बोर्ड ऑफ इंडिया चाय उत्थान के लिए स्वयं सहायता समूहों का गठन करेगा। इनके माध्यम से इलाके में चाय उद्योग स्थापित होंगे। इसके अलावा बेरोजगार भी बोर्ड से लाइसेंस लेकर छोटे स्तर पर चाय उद्योग लगा सकेंगे।
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लोग टी बोर्ड ऑफ इंडिया से सब्सिडी मिलने के बाद दूसरे राज्यों से चाय का कच्चा माल खरीदकर उद्योगों में अच्छी गुणवत्ता वाली चाय तैयार कर मार्केट से दोगुना पैसा भी कमा सकेंगे। साथ ही प्रदेश में उगने वाली कांगड़ा चाय बागवानों से खरीदारी कर फैक्टरी में अपने नाम की चाय तैयार कर मार्केट में उतार सकेंगे।
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हिमाचल में उद्योग कम होने के कारण चाय की डिमांड कम रही है। बागवान भी अपने चाय उद्यानों से पत्तियों की तुड़ाई नहीं कर पाते हैं, मगर अब प्रदेश में उद्योगों में कच्ची चाय की डिमांड ज्यादा होने पर बागवानों को मौके पर ही चाय पत्तियों के अच्छे दाम मिल जाएंगे। इससे उद्यान मालिकों के साथ-साथ लोगों की आर्थिकी सुदृढ़ होगी।
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टी बोर्ड ऑफ इंडिया के उत्तर भारत के उपनिदेशक डा. गगनेश शर्मा ने बताया कि हिमाचल में चाय फैक्ट्रियां लगाने पर सब्सिडी दी जाएगी।
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बागवान या फिर बेरोजगार लोग चाय उद्योग लगा सकेंगे। इस पर 40 प्रतिशत सब्सिडी दी जाएगी। हिमाचल में चाय उद्योग स्थापित होने पर बेरोजगारों को रोजगार मिलेगा।
उद्योग लगाने के लिए स्वयं सहायता समूह के सदस्य टी बोर्ड ऑफ इंडिया को आवेदन कर सकते हैं। इसके बाद हिमाचल में उद्योग स्थापित होंगे। बेरोजगारों को भी उद्योग लगाने के लिए आवेदन करना होगा। बोर्ड इन्हें खरीदार लाइसेंस जारी करेगा।