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हिमाचल: बर्फ में 40 किमी पैदल चल लिए सात फेरे, जेसीबी पर घर लाए दुल्हन, देखें तस्वीरें

Tue, 25 Jan 2022 11:17 AM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, संगड़ाह/ चुवाड़ी/सलूणी/चंबा
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डुंगी गांव पहुंची बरात के साथ दूल्हा। - फोटो : संवाद
हिमाचल प्रदेश में शादियों के सीजन में भारी बर्फबारी और बारिश ने नवविवाहित जोड़ों के साथ बरातियों की भी खूब परीक्षा ली। अर्धांगिनी लेने के लिए पहुंचे दूल्हों ने भी हिम्मत नहीं हारी। भारी कठिनाइयों के बावजूद जीवनसंगिनी के साथ विवाह की रस्में निभाने पहुंचे। कोई बर्फ में 40 किमी, कोई जेसीबी पर तो कई ढाई से तीन फीट बर्फ के बीच शादी की रस्में निभाने के लिए पहुंचा। सिरमौर के उपमंडल संगड़ाह में बरात वक्त पर नहीं पहुंचने पर रस्में निभाने के लिए पंडित को दोबारा मुहूर्त देखकर शादी करवानी पड़ी।

मेहल क्षेत्र के गत्ताधार से रविवार सुबह 6 बजे बरात डुंगी गांव के लिए निकली, लेकिन भारी बर्फबारी और मूसलाधार बारिश के चलते मार्ग में कई बाधाओं को पार करते हुए बरात निर्धारित समय से 12 घंटे देरी से पहुंची थी। जेसीबी लेकर रतवा दुल्हन लेने पहुंचे दूल्हे विजय प्रकाश भी रविवार रात करीब 2 बजे दुल्हन लेकर घर पहुंचे।
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दूल्हा-दुल्हन - फोटो : संवाद
 बर्फबारी में सात घंटे गुजारने पड़े। बरात लेकर आ रही जेसीबी का बीच रास्ते में डीजल खत्म हो गया। रात को 12 बजे जेसीबी मालिक रामेश्वर एक अन्य जेसीबी मशीन लेकर पहुंचे तो दूल्हा-दुल्हन के घर पहुंचाया गया। जिला कांगड़ा के सदवां निवासी अजय चौहान बरात लेकर सुबह पांच बजे चुवाड़ी के कैथली गांव नेहा पुत्री उत्तम सिंह के घर के लिए निकले। 
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पालकी में उठाकर दुल्हे को ससुराल पहुंचाया गया। - फोटो : संवाद
चुवाड़ी से 4 किमी दूर बर्फ के बीच सात किमी पैदल सफर करना पड़ा। बरात दोपहर के समय दुल्हन के घर पहुंची। रीति-रीवाजों के साथ शादी के बाद ढाई फीट बर्फ में कहारों ने दूल्हा-दुल्हन को पालकी में उठाकर देरशाम चुवाड़ी बस स्टैंड पहुंचाया। 

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बर्फ में दुल्हन को लेते लोग। - फोटो : संवाद
चंबा के सलूणी में शनिवार को अनीत कुमार पचास बरातियों के साथ दुल्हन लाने के लिए किलोड़ पंचायत से दिघाई के शाला गांव पहुंचे। यहां शादी की सभी रश्में निभाईं। रविवार सुबह लौटने पर बर्फबारी शुरू हो गई। दूल्हा-दुल्हन और बराती डेढ़ से तीन फीट बर्फ में करीब 40 किलोमीटर पैदल चले। दूल्हा और दुल्हन एक-दूसरे का हाथ थामकर चलते रहे। चालीस किमी का पैदल सफर कर बरात को शाला गांव तक पहुंचने में रात हो गई। 
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बराती। - फोटो : संवाद
पंचायत के कोटा गांव से भी शनिवार को बरात डांड पंचायत के भडोल गांव गई थी। रविवार सुबह जब बरात दुल्हन लेकर वाहनों में सवार होकर लौट रही थी तो पांच किमी दूर हलूरी में बर्फ ज्यादा होने से वाहन फंस गए। पंचायत ने बरातियों और नवदंपती के लिए पंचायत घर में रहने की व्यवस्था की। रविवार की रात बरातियों ने हलूरी में काटी।
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बराती। - फोटो : संवाद
सोमवार सुबह लोनिवि को बरात के फंसे होने की सूचना मिली तो एक साथ पांच जेसीबी मशीनें लगाकर मंजीर से हलूरी तक मार्ग को खोला गया। सलूणी में 4 फीट बर्फ की परत पर बरातियों ने छह किमी का सफर पैदल तय किया। पंचायत सनूंह के गांव भिदरोह नाला निवासी वनीत ठाकुर पुत्र चमारू राम की शादी भांदल क्षेत्र के अधीन आते डंडोरी निवासी निशा कुमारी पुत्री जगदीश से हुई। 
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ट्रैक्टर पर बैठकर दूल्हा-दुल्हन ने पार की खड्ड - फोटो : संवाद
ट्रैक्टर पर बैठकर दूल्हा-दुल्हन ने पार की खड्ड
वहीं, हमीरपुर जिले में सिरहाली खड्ड में पानी अधिक होने के कारण दूल्हा-दुल्हन ने ट्रैक्टर का सहारा लिया। दूल्हा-दुल्हन ने ट्रैक्टर पर बैठकर खड्ड को पार किया।  जानकारी के अनुसार हमीरपुर के घंघोट गांव से दूल्हा बरात लेकर सोमवार  शाहतलाई गया था। लेकिन बारिश के कारण बरात वापसी के दौरान खड्ड में जलस्तर बढ़ गया था। इसके चलते बरात ने कार के बजाय ट्रैक्टर से खड्ड पार की।
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