हिमाचल में ताजा हिमपात के बाद चोटियां बर्फ से लकदक है। बर्फ की सफेद चादर ओढ़े पहाड़ों का नजारा देखते ही बनता है। मंडी, शिमला, कुल्लू, सिरमौर, चंबा, किन्नौर, लाहौल-स्पीति आदि जिलों में बर्फबारी के बाद कड़ाके की ठंड का अहसास हो रहा है।
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प्रदेश में 28 जनवरी तक मौसम साफ रहेगा। 29 और 30 जनवरी को दोबारा से बर्फबारी होने के आसार हैं। वीरवार और शुक्रवार को मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने प्रदेश के मैदानी और मध्य पर्वतीय क्षेत्रों में शीत लहर चलने और धुंध पड़ने की चेतावनी जारी की है।
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मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के मुताबिक 29 और 30 जनवरी को किन्नौर, लाहौल स्पीति सहित मंडी, कुल्लू और चंबा के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में दोबारा बर्फबारी होगी। जबकि प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में मौसम साफ रहेगा। 25 और 26 जनवरी को मैदानी क्षेत्रों ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा और मध्य पर्वतीय क्षेत्रों शिमला, सोलन, सिरमौर, मंडी, कुल्लू और चंबा में शीत लहर चलने और धुंध पड़ने की चेतावनी जारी की है।
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उधर, बुधवार को शिमला सहित प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में दिन भर बादल छाए रहे। बुधवार को शिमला में अधिकतम तापमान 8.7, सुंदरनगर में 15.8, भुंतर में 16.0, धर्मशाला 12.3, ऊना में 19.5, नाहन में 14.8, पालमपुर में 12.2, सोलन में 14.8, कांगड़ा में 17.0, बिलासपुर में 17.2, हमीरपुर में 17.1, चंबा में 15.9, डलहौजी में 4.5, कल्पा में 8.6 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।
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उधर, मंगलवार को रोहतांग दर्रा में 20 और जलोड़ी दर्रा में 30 सेंटीमीटर बर्फबारी रिकार्ड की गई। देर रात पर्यटन नगरी मनाली में भी बर्फ के फाहे गिरे।
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हिमाचल में बारिश और बर्फबारी से यहां कृषि और बागवानी को संजीवनी मिली है वहीं, प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में यातायात संबंधी दिक्कतें भी पैदा हुई हैं। बुधवार को प्रदेश की 75 सड़कें यातायात के लिए बंद रहीं। परिवहन निगम ने हिमाचल के 90 रूटों पर बसें नहीं भेजी।
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ऊपरी शिमला के कोटखाई और नेरवा के लिए आन ट्रायल दो बसें भेजी गई हैं। शाम तक यह बसें भी स्टेशन तक नहीं पहुंचीं। जिला सिरमौर, चंबा और कांगड़ा जिले के दर्जनों संपर्क मार्ग यातायात से कटे हुए हैं। कुफरी, नारकंडा, खड़ापत्थर, खिड़की और देहा में लगातार वाहन फिसलने से निगम की 38 बसें अभी भी सड़क पर फंसी हैं।
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हिमाचल में हुई बर्फबारी और बारिश से सरकार ने लोक निर्माण विभाग के कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं। 33 डोजर और जेसीबी मशीनें फील्ड में बर्फ हटाने के लिए लगाए गए हैं। इसके अलावा दो निजी डोजर और दो जेसीबी हायर की गई हैं। लोक निर्माण विभाग ने बर्फबारी से निपटने के लिए 25 हजार कर्मचारियों की फील्ड में तैनाती की है।
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कच्ची सड़कों पर नहीं चलेंगी बसें
परिवहन निगम ने प्रदेश की कच्ची सड़कों पर बसें न चलाने के निर्देश दिए हैं। परिवहन निगम का कहना है कि बर्फबारी के चलते भूस्खलन होने का खतरा रहता है। ऐसे में इन रूटों पर बसें भेजना खतरनाक भी हो सकता है। चालकों को लगातार बस चलाते वक्त एहतियात बरतने को कहा है।
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बर्फबारी को लेकर नगर निगम की तैयारियां इस बार पूरी दिखीं। बुधवार सुबह सात बजे ही नगर निगम के दो सौ कर्मचारी, दो रोबोट और तीन जेसीबी बर्फ हटाने के काम में जुट गए। सुबह साढ़े आठ बजे तक रिज मैदान और मालरोड से बर्फ हटाई जा चुकी थी।
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बर्फबारी से शहर में जाखू और लक्कड़ बाजार के कई क्षेत्रों में लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। इन इलाकों में दोपहर बाद जाकर बर्फ हटाने का काम शुरू हो पाया। इससे लोगों की गाड़ियां बर्फ में ही फंसी रही। पैदल चलने वाले ज्यादातर रास्तों से दोपहर बाद बर्फ हटाई गई। लोग गिरते फिसलते हुए अपने काम पर पहुंचे।
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सुबह पैदल पहुंचे दफ्तर
बर्फबारी के चलते शहर की कई सड़कों पर यातायात ठप रहने से लोगों को पैदल ही काम पर जाना पड़ा। अनाडेल, कैथू, भराड़ी, आईजीएमसी और संजौली की ओर से शिमला आने वाले लोगों को पैदल ही अपने गंतव्य स्थान पर पहुंचना पड़ा।
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कई जगह जम गईं पाइपें, नहीं आया पानी
बर्फबारी के बाद शहर के कई इलाकों में पाइपें जमने से पानी की सप्लाई नहीं मिल सकी। जाखू के रिचमाउंट और हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी एरिया में बुधवार सुबह के समय पानी की सप्लाई तो दी गई, लेकिन कई घरों में पानी की पाइपें जमने से पानी नहीं आया।
बर्फबारी के बीच राजधानी में एंबुलेंस सेवा का कोई भरोसा नहीं। हल्की बर्फ गिरते ही शहर में एंबुलेंस सेवा ठप हो जाती है। शहर में जितनी भी एंबुलेंस सेवा के वाहन हैं, उनमें चेन नहीं लग पाती। ऐसे में ये वाहन बर्फ के बीच नहीं चलाए जाते। मरीजों को लाने ले जाने के लिए शहर में चेन लगी एंबुलेंस न के बराबर हैं।