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Shimla Summer Festival: दूसरी संध्या में कुलदीप ने मचाया धमाल, बजंतरियों ने देवधुनों से किया मंत्रमुग्ध, तस्वीरों में समर फेस्टिवल के रंग

Mon, 06 Jun 2022 10:36 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
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शिमला समर फेस्टिवल के रंग। - फोटो : अमर उजाला
अंतरराष्ट्रीय समर फेस्टिवल शिमला की दूसरी सांस्कृतिक संध्या में पहाड़ी लोकगायक नाटी किंग कुलदीप शर्मा ने लोकगीतों की प्रस्तुति देकर खूब धमाल मचाया। इस दौरान कुलदीप शर्मा की नाटियों पर रिज पर सजे पंडाल में दर्शक जमकर थिरके। कुलदीप शर्मा के मंच पर पहुंचते ही दर्शकों की भीड़ में नया जोश देखने को मिला। दर्शकों ने सीटियां बजाकर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। लोक गायक कुलदीप शर्मा ने सरस्वती वंदना से सांस्कृतिक संध्या में प्रस्तुति का आगाज किया। इसके बाद उन्होंने लागा ढोलो रा ढमाका मेरा हिमाचल बड़ा बांका..,गीत गाया।

इस गीत के बाद कुलदीप ने अपनी लोकप्रिय और चर्चित नाटियों का सिलसिला जो शुरू किया उससे दर्शक लगातार झूमना शुरू हुए। उन्होंने एक से बढ़कर गाए लोकगीतों पर करीब एक घंटे तक दर्शकों को नचाया। उत्तराखंड के गीत पर दर्शकों से मोबाइल की लाइट जलवाकर दीवाली जैसा माहौल बनाया।  करीब 9:30 बजे कुलदीप मंच पर आए और एक से बढ़कर कई शानदार प्रस्तुतियां दी। 
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लोक गायक कुलदीप शर्मा। - फोटो : अमर उजाला
कुलदीप शर्मा ने 2005 में पहला स्टेज शो इसी मंच पर दिया था। कुलदीप ने मंच से पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला और बॉलीवुड गायक केके की याद में गाना गाया और दिवंगत कलाकारों की  आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।

 
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कुलदीप के गानों पर जमकर झूमे युवा। - फोटो : संवाद
कुलदीप शर्मा ने एडीसी से कार्यक्रम देने वाले सभी कलाकारों का मेहनताना बढ़ाने की मांग उठाई। कहा कि कलाकारों ने कोरोना के कारण दो सालों से मुश्किल समय काटा है। मंगलवार को फेस्टिवल की तीसरी संध्या पर हंस राज रघुवंशी प्रस्तुति देंगे।

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बजंतरियों ने देवधुनों से किया मंत्रमुग्ध - फोटो : अमर उजाला
मालरोड पर बजंतरियों ने देवधुनों से किया मंत्रमुग्ध
अंतरराष्ट्रीय ग्रीष्मोत्सव शिमला के दूसरे दिन सोमवार को नृत्य और पारंपरिक वाद्य यंत्र प्रतियोगिता हुई। साहित्य उत्सव में देश के विभिन्न राज्यों की संस्कृति की झलक देखने को मिली। सोमवार को पुलिस रिपोर्टिंग रूम के सामने पारंपरिक लोक वाद्य यंत्र प्रतियोगिता हुई।
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बजंतरियों ने देवधुनों से किया मंत्रमुग्ध - फोटो : अमर उजाला
बजंतरियों ने एक से बढ़कर एक धुनें बजाकर वाद्य यंत्रों का प्रदर्शन किया। ढोल-नगाड़े, करनाल और शहनाई वादकों ने न केवल आम लोगों को मंत्रमुग्ध किया बल्कि सैलानियों को भी थिरकने को मजबूर कर दिया। 
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बजंतरियों ने बांधा समा। - फोटो : अमर उजाला
दोपहर करीब दो घंटे तक चली वाद्य यंत्र स्पर्धा में प्रदेश के 10 दलों ने प्रस्तुतियां दीं।  देवी-देवताओं की शान वाद्य यंत्रों से पूरा मालरोड देवमयी हो उठा। दौलत सिंह पार्क में लोगों ने हिमाचली व्यंजनों का लुत्फ उठाया। 
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कलाकारों ने दी शानदार प्रस्तुति - फोटो : अमर उजाला
रितिका, प्रीति, भानु, लक्ष्मी, गौरव, सुरेंद्र, अजय ने बताया कि व्यंजनों के दाम ज्यादा हैं। उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र पटियाला के कलाकारों ने रिज मैदान पर प्रस्तुति दी। मालरोड, दौलत सिंह पार्क से लेकर लिफ्ट तक बने मंचों पर असम का बिहू, मयूर नृत्य, लावणी नृत्य, राजस्थान और तेलंगाना का लांबड़ी नृत्य हुआ।

 

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Shimla Summer Festival - फोटो : अमर उजाला
कंट्रोल रूम के पास रॉक बैंड प्रतियोगिता भी हुई। डीसी आदित्य नेगी ने उत्सव में नृत्य प्रतियोगिता में 50, पारंपरिक वाद्य यंत्र  प्रतियोगिता में 10 दलों के 120 कलाकारों ने भाग लिया। उत्सव में अन्य विभिन्न प्रकार की गतिविधियों का भी आयोजन किया गया। इसमें लोगों ने भरपूर आनंद लिया। इससे पहले रिज पर डॉग शो के दौरान पुलिस डॉग स्क्वायड के खोजी कुत्तों ने कई हैरतअंगेज करतब दिखाए।

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फैशन शो। - फोटो : अमर उजाला
अंतरराष्ट्रीय ग्रीष्मोत्सव में सोमवार को दूसरी सांस्कृतिक संध्या में एपीजी निजी विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने रंग बिरंगे परिधानों में कैट वॉक किया। शाम छह बजे शुरू हुए फैशन शो में एपीजी शिमला विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ फैशन डिजाइनिंग विभाग के छात्र-छात्राओं ने स्वयं डिजाइन किए हिमाचली परिधानों को पहनकर स्टेज पर प्रदर्शित किया। 

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कलाकारों ने दी शानदार प्रस्तुति। - फोटो : अमर उजाला
छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने हिमाचली वेशभूषा के डिजाइन किए वस्त्र पहनकर फैशन शो में हिस्सा लिया। दीक्षा, इशिका, तनुजा, अम्बिका, पल्लवी, काजल, पूजा, रिया, ऐश्वर्या, आशी, मोनिता, फैशन डिजाइनिंग के सहायक आचार्य सुनील चौहान, मधुबाला और विभागाध्यक्ष कल्पना वर्मा ने हिमाचली संस्कृति को परिधानों के माध्यम से दर्शाने का प्रयास किया। 

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बजंतरियों ने बांधा समा। - फोटो : अमर उजाला
उधर, शिमला समर फेस्टिवल में आयोजित खेलकूद प्रतियोगिताओं के विजेताओं को रिज मैदान पर पुरस्कार लेने के लिए साढे़ तीन घंटे इंतजार करवाया गया। जिला प्रशासन और जिला युवा एवं खेल विभाग की ओर से आयोजित खेलकूद प्रतियोगिताओं में पहला और दूसरा स्थान पाने वाले सैकड़ों खिलाड़ियों को शाम पांच बजे रिज मैदान पर पुरस्कार देने को बुलाया गया था। 
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शिमला समर फेस्टिवल के रंग। - फोटो : अमर उजाला
खिलाड़ी और उनके माता-पिता मंच के पीछे भूखे प्यासे इंतजार करते रहे। इनमें से कुछ खिलाड़ियों को ही मंच पर बुलाकर पुरस्कृत किया गया और अन्य सभी खिलाड़ियों को खेल परिसर से पुरस्कार प्राप्त करने की बात कहकर भेज दिया गया। अभिभावकों ने घंटों तक खिलाड़ियों को इंतजार करवाने और अंत में उन्हें बिना पुरस्कार से लौटाने के प्रशासन के रवैये पर गुस्सा जाहिर किया। कहा कि प्रशासन ने बेवजह उनके बच्चों को परेशान किया। 
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