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तस्वीरें: दूसरे दिन भी हड़ताल पर रहे निजी बस ऑपरेटर, लोगों की बढ़ीं मुश्किलें, एचआरटीसी ने चलाईं अतिरिक्त बसें

Tue, 04 May 2021 06:13 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, शिमला

सार

बुधवार को जयराम मंत्रिमंडल की बैठक में हक में फैसला हुआ तो हड़ताल खत्म भी हो सकती है। ता दें, प्रदेश में सरकार की ओर से निजी बस ऑपरेटरों की हड़ताल की घोषणा के बाद परिवहन विभाग ने कैबिनेट में प्रस्ताव लेकर जाने और वहां फैसला होने का आश्वासन दिया था। 
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हिमाचल में निजी बस संचालकों की हड़ताल। - फोटो : अमर उजाला
हिमाचल प्रदेश में मंगलवार को दूसरे दिन भी निजी बसों के पहिये थम रहे। हड़ताल की वजह से प्रदेशभर में लोगों को एक से दूसरे स्थान पर जाने के लिए मुश्किलों का सामना करना पड़ा। प्रदेश के करीब 35 सौ रूटों पर बसों के न चलने से लोगों को सरकारी बसों का घंटों इंतजार करना पड़ा। वहीं, मोर्चे पर डटी एचआरटीसी ने 630 बसें अतिरिक्त बसें चलाईं। हड़ताल की वजह से एचआरटीसी की बसों में ऑक्यूपेंसी बढ़ने से निगम की कमाई भी बढ़ गई।
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- फोटो : अमर उजाला
एचआरटीसी ने जरूरत के अनुसार काफी संख्या में बसों का संचालन किया लेकिन इसके बावजूद इंतजाम नाकाफी दिखे। राजधानी शिमला से लेकर विभिन्न जिलाें में दूसरे दिन हड़ताल का असर देखने को मिला।  
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- फोटो : अमर उजाला
अब बुधवार को जयराम मंत्रिमंडल की बैठक में हक में फैसला हुआ तो हड़ताल खत्म भी हो सकती है। ता दें, प्रदेश में सरकार की ओर से निजी बस ऑपरेटरों की हड़ताल की घोषणा के बाद परिवहन विभाग ने कैबिनेट में प्रस्ताव लेकर जाने और वहां फैसला होने का आश्वासन दिया था। 

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- फोटो : अमर उजाला
 लेकिन आश्वासन से असंतुष्ट ऑपरेटों ने बसों का संचालन बंद कर दिया। निजी बस ऑपरेटर लंबे समय से सरकार से टोकन टैक्स, स्पेशल रोड टैक्स माफ करने और वर्किंग कैपिटल (ऑपरेटरों को सस्ता लोन) की घोषणा पूरा करने की मांग कर रहे हैं।
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- फोटो : अमर उजाला
उधर, कांगड़ा जिले में हड़ताल का असर कम दिखा, क्योंकि निजी बस ऑपरेटर दो गुटों में बंट गए हैं। एक गुट बसें चलाने के लिए तैयार था और उसने बसों का कुछ जगह संचालन किया।
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- फोटो : अमर उजाला
निजी बस ऑपरेटरों के पक्ष में उतरा सीटू
वहीं, सीटू राज्य कमेटी ने हिमाचल प्रदेश के निजी बस ऑपरेटरों की हड़ताल का समर्थन किया है। राज्य कमेटी ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि प्राइवेट बस ऑपरेटरों की मांगों को तुरंत माना जाए और हड़ताल से प्रभावित जनता को राहत प्रदान की जाए।  सीटू प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा और महासचिव प्रेम गौतम ने प्राइवेट बस ऑपरेटरों की हड़ताल को जायज करार दिया है। 
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 उन्होंने कहा है कि कोरोना महामारी में पिछले सवा एक वर्ष से ट्रांसपोर्टरों की हालत दयनीय हो गई है। जहां एक ओर सवारियों की संख्या गिरी है, वहीं दूसरी ओर सोशल डिस्टेंसिंग के नियम से बसों में सवारियों की संख्या सीमित करनी पड़ी है। इसके साथ ही डीजल की भारी कीमतों से ट्रांसपोर्ट का कारोबार करने मुश्किल हो गया है। इस सबसे एक ओर निजी बसों के मालिक घाटे में चले गए हैं। 
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