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देवभूमि की इस झील के जन्नत से कम नहीं नजारे

Tue, 14 Jun 2016 09:13 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, कटौला (मंडी)
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पराशर झील - फोटो : जय कुमार
समंदर तल से 9 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित पराशर झील के नजारे जन्‍नत से कम नहीं हैं। हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल पराशर में सरानाहुली मेले में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा।
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पराशर झील - फोटो : जय कुमार
दो दर्जन से अधिक ग्रामीण देवी देवता सोमवार को ही मेले में पहुंच गए थे तथा पराशर मंदिर परिसर में विराजमान हो गए थे। पहली आषाढ़ को हर साल लगने वाले इस मेले में देव आस्था देखते ही बन रही थी। पुलिस प्रशासन ने कुछ जगहों पर वाहनों की पार्किंग के लिए स्थान चिन्हित किया था। लेकिन, समंदर तल से 9 हजार फीट की ऊंचाई पर श्रद्धालुओं की भीड़ से वाहनों की कतार छह किलोमीटर पीछे तक लगी रही।
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पराशर झील - फोटो : जय कुमार
पराशर मंदिर और झील परिसर में तो नजारा ही अलग रहा। जहां लगभग 25 देवी देवताओं ने अपनी हाजिरी भरी। इनके साथ आए सैकड़ों बजंतरियों ने देव वाद्य यंत्रों की ध्वनि से पूरी घाटी को ही गूंजायमान कर दिया।

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पराशर झील - फोटो : जय कुमार
इलाका उत्तरसाल, स्नोर और बदार के अलावा अन्य क्षेत्रों से आए श्रद्धालुओं को कई कई घंटे लाइनों में खड़े होकर महर्षि पराशर के दर्शन करने पड़े। देवी देवताओं ने देवलुओं के साथ पवित्र झील की परिक्रमा की तथा जल स्नान भी किया। श्रद्धालुओं ने झील से निकलने वाली खास किस्म की घास को आशीर्वाद के रूप में ग्रहण किया।
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पराशर झील - फोटो : जय कुमार
सरानाहुली पराशर मेले में सदियों से सैकड़ों बकरों की बलि दी जाती थी। दो साल पहले उच्च न्यायालय द्वारा लगाई गई रोक के बाद यह पूरी तरह से बंद हो गई है।
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पराशर झील - फोटो : जय कुमार
पराशर मेला समिति के प्रधान बलवीर ठाकुर और सचिव हरी सिंह ने बताया कि पूरी तरह से यू टर्न लोगों ने ले लिया है। अब कोई बलि दो सालों से यहां पर नहीं हो रही है। लोग भी धीरे धीरे अब इससे खुशी महसूस करने लगे हैं।
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