फर्जीवाड़ा कर हिमाचल प्रदेश पुलिस में ऐसे युवक भर्ती होने जा रहे थे, जो कांगड़ा के मंत्रियों का नाम तक नहीं जानते थे। पेपर लीक मामले में गिरफ्तार तीनों आरोपी मुख्यमंत्री तक का नाम नहीं जानते थे। पुलिस ने जब उनसे कांगड़ा जिले के तीन मंत्रियों के नाम पूछे तो जवाब में उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को कांगड़ा जिले का मंत्री बताया। पुलिस कांस्टेबल भर्ती पेपर लीक मामले में छह से आठ लाख रुपये देकर पास हुए युवक चार मई को धर्मशाला में दस्तावेजों की जांच के लिए पहुंचे थे।
पुलिस को शक हुआ तो इनसे पूछताछ की। पुलिस ने इनसे पूछा कि हिमाचल का मुख्यमंत्री कौन है। कांगड़ा जिले के आरोपी युवकों मुनीष कुमार, मनी चौधरी और गौरव को मुख्यमंत्री का नाम तक पता नहीं था। मामले की जांच कर रहे पुलिस अफसर हैरान हैं कि जिन युवकों को हिमाचल के मुख्यमंत्री और अपने ही जिले के मंत्रियों का नाम तक नहीं पता, वे अगर नौकरी पा लेते तो क्या करते। तीनों आरोपी युवकों ने बत्तरा कॉलेज पालमपुर और सेंट पॉल परीक्षा केंद्रों में परीक्षा दी थी।