शिमला में मकर सक्रांति पर इस बार बर्फबारी हो रही थी। मगर इसके बावजूद लोगों की आस्था नहीं डोली। फोटो: नरेश भारद्वाज
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बर्फबारी के बीच हजारों ने लगाई आस्था की डुबकी
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मकर संक्रांति पर प्रसिद्ध तीर्थ स्थलों तत्तापानी, रिवालसर और मणिकर्ण में हजारों लोगों ने पवित्र स्नान किया। कई स्थानों पर सुबह से ही हल्की बर्फबारी हो रही थी।
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मगर बर्फबारी और बारिश के बीच तीर्थ स्थलों तक पहुंचकर लोगों ने आस्था की डुबकी लगाई। बच्चे भी पीछे नहीं रहे।
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तत्तापानी में तड़के तीन बजे से देर शाम तक श्रद्धालुओं ने यहां स्नान किया। इसके बाद ग्रहों की शांति के लिए तुला दान किया।
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दूरदराज के श्रद्धालु मंगलवार को ही तत्तापानी पहुंच गए थे। तुलादान के लिए करसोग क्षेत्र के पंडितों ने तुलादान कुंड स्थापित किए थे।
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वहीं, यहां पर मकर संक्रांति मेले का शुभारंभ तहसीलदार करसोग जीवन लाल नेगी ने किया।
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सुरक्षा के लिहाज से मेले में अतिरिक्त पुलिस बल को तैनात किया गया था। एसडीएम करसोग विवेक चौहान ने मेले में पहुंचकर जायजा लिया।
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मेला कमेटी के अध्यक्ष हेतराम ने बताया कि श्रद्धालुओं के लिए खिचड़ी का भंडारा लगाया गया।
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ग्रहों की शांति के लिए तुलादान किया जबकि अलग-अलग जगहों पर लगे खिचड़ी के भंडारों में प्रसाद भी ग्रहण किया।
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अगले साल प्राकृतिक चश्मे कोल डैम के रेजरवायर में जलमग्न हो जाएंगे, जिससे सदियों पुरानी लोगों की आस्था भी इतिहास बनकर रह जाएगी।
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वहीं, इस स्नान के दौरान साथ लगती चोटियों पर जमकर बर्फ गिर रही थी।