हिमाचल में जंगल की आग अब बेकाबू होती जा रही है। हजारों हेक्टेयर पर जंगलों को राख करते हुए अब यह आग रिहायशी इलाकों में तबाही मचाने लगी है। डिप्टी रेंजर समेत चार लोगों की मौत के दूसरे ही दिन जंगल की आग ने एक और जान ले ली।
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शिमला जिले के सुन्नी में रिहायशी क्षेत्र तक पहुंची आग से एक घर जलकर राख हो गया। घर में सो रही बुजुर्ग महिला जिंदा जल गई, जबकि एक युवती बुरी तरह झुलस गई। अब तक आठ जानें जंगल की आग लील चुकी है। बुजुर्ग महिला की पहचान मालतू देवी के तौर पर हुई है
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चंबा के बकलोह में जंगल की आग ने 133 वर्ष पुराना ऐतिहासिक चर्च जलाकर राख कर दिया। यह चर्च 1884 में बना था। चर्च के भीतर रखा सामान स्वाह हो गया। इसके साथ एमईएस का एक पुराना भवन भी आग की भेंट चढ़ गया।
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चंबा के भटियात क्षेत्र के तहत रायपुर पंचायत के फगोट जंगल में लगी आग गांव तक पहुंच गई। रिहायशी इलाके में पहुंची इस आग को बुझाते समय फगोट गांव के केवल राम, राकेश और अनूप झुलस गए।
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90 प्रतिशत तक झुलसे केवल राम और राकेश कुमार और 50 फीसदी तक जले अनूप को टांडा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। चंबा के ही कुपाहड़ा के जंगल में लगी आग बीती रात कुठेड़ गांव तक पहुंच गई।
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ग्रामीणों ने सूझबूझ से आग पर काबू पाया। गत मंगलवार को कांगड़ा, चंबा, कुल्लू और मंडी में आग की घटनाओं में चार लोगों की जान चली गई थी। आग से करोड़ों की वन संपदा को नुकसान हो चुका है, जबकि कई जीव-जंतु मारे जा रहे हैं।
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गोशाला राख, तीन मवेशी जिंदा जले- शिमला ग्रामीण की देवला पंचायत में जंगल की आग से गोशाला राख हो गई। गोशाला में बंधे दो बैल और एक गाय की झुलस कर मौत हो गई। देवला जंगल में भड़की आग दोपहर बाद कृष्ण लाल की गोशाला तक पहुंच गई।
आग को बुझाने के लिए ग्रामीणों ने प्रयास किए लेकिन गोशाला को जलने से नहीं बचाया सका। विधायक विक्रमादित्य सिंह बुधवार को मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवार को 10 हजार की राहत राशि दी है।