चेली बस हादसा खुबाड़ा गांव के दो सगे भाइयों के लिए उम्र भर का जख्म दे गया। परिवार के चार भाई-बहनों की चिताएं एक साथ जलीं। यह मंजर देखकर हर किसी की आंख नम थी।
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खुबाड़ा गांव के सगे भाई राजेश जम्वाल और नरेश सिंह के दो बेटे और दो बेटियां हादसे का शिकार बन गईं। दोनों भाई बद्दी में निजी कंपनियों में नौकरी करते हैं।
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हादसे में नरेश सिंह ने 11 वर्षीय बेटी दीक्षा और आठ साल के बेटे नैतिक को खोया। उनके भाई राजेश का 10 साल का बेटा भविष्य और 13 साल की बेटी पलक हादसे का शिकार हो गई।
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school bag
चारों मासूम अपने पीछे एक बहन को छोड़ गए हैं। नरेश सिंह की पुत्री सिमरन अब दोनों परिवार का एकमात्र सहारा है। सिमरन ने दसवीं कक्षा की परीक्षा दी है। हादसे के बाद मासूमों के स्कूल बैग एक स्थान पर रखे गए हैं,जो मानो अपने साथी को ढूंड रहे हो।
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चेली हादसे में खुबाड़ा गांव की पूनम पठानिया (21) की भी मौत हो गई। पूनम की शादी 12 मई को थी। पूनम शादी की खरीदारी कर मलकवाल से खुबाड़ा लौट रही थी। लगभग तीन किलोमीटर का सफर था। तभी मलकवाल की ओर से स्कूल बस आई। उसने लिफ्ट मांगी और उस में चढ़ गई।
पूनम के साथ उसकी बुआ की बेटी शगुन (15) पुत्री गुलशन कुमार निवासी कनौड़, तहसील चुवाड़ी जिला चंबा भी साथ थी। हादसे में शगुन की भी मौत हो गई। वह राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला टूड़ी में दसवीं कक्षा की छात्रा थी।